मुजफ्फरनगर। साइबर अपराधियों ने अब भावनात्मक ब्लैकमेल का नया हथकंडा अपनाना शुरू कर दिया है। थाना खालापार क्षेत्र के सूजडू में ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक शातिर युवक ने सऊदी अरब से फोन कॉल कर स्थानीय निवासी को दोस्त की मां की बीमारी का हवाला देकर जाल में फंसाया और मदद के नाम पर 1.69 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूजडू के मोहल्ला खालसा पट्टी निवासी आरिफ पुत्र इस्लामुद्दीन ने बताया कि 19 अगस्त को उसके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने अपना नाम अजहर पुत्र रईस निवासी गढ़ी सलेमपुर, जनपद मुरादाबाद बताया और कहा कि वह सऊदी अरब में है। उसने आरिफ को भावुक करते हुए कहा कि उसके एक दोस्त की मां गंभीर रूप से बीमार हैं और इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत है।
अजहर ने भरोसा दिलाने के लिए कहा कि वह यहां से भारतीय खाते में पैसे भेज देगा, जिन्हें आरिफ को उसके दोस्त तक पहुंचाना होगा। आरिफ ने इंसानियत के नाते मदद का भरोसा जताया और अपनी पुत्री जकिया का अकाउंट नंबर उसे व्हाट्सएप पर भेज दिया। इसके बाद अजहर ने कथित रूप से “सऊदी सेंट्रल बैंक” की एक फर्जी डिपॉजिट स्लिप भेजी और बताया कि उसने 2.50 लाख रुपये खाते में जमा करा दिए हैं, लेकिन विदेशी ट्रांसफर होने से रकम आने में वक्त लगेगा।
अजहर ने अपने कथित दोस्त बंटी, निवासी मिमला (बिजनौर) का नंबर और बैंक खाता भी आरिफ को दिया। कुछ ही देर बाद बंटी ने फोन कर पैसे की मांग की। इस पर आरिफ ने 19, 20 और 21 अगस्त को अलग-अलग ट्रांजेक्शनों के जरिए कुल 1,69,800 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
कई दिन बीतने के बाद भी रकम खाते में न आने पर आरिफ को शक हुआ। 9 सितम्बर को जब उसने अजहर से संपर्क किया तो उसने बेरुखी से बात की और पैसे या किसी दोस्त की जानकारी से साफ इनकार कर दिया। अन्य दिए गए नंबर भी बंद हो गए। इसके बाद आरिफ को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की।
थाना खालापार प्रभारी महावीर चौहान ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुरादाबाद निवासी अजहर और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने ठगों तक पहुंचने के लिए साइबर तकनीकी मदद भी ली है।










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