मुजफ्फरनगर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गोल चक्कर स्थित निजामुद्दीन हॉस्पिटल में शुक्रवार को ड्रग्स विभाग की टीम ने एक शिकायत के आधार पर अचानक छापा मारकर हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण के दौरान, हॉस्पिटल परिसर में स्थित बंधन मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित नारकोटिक दवाओं का बड़ा जखीरा मिला, जिनके संबंध में कोई वैध रिकॉर्ड या बिल मौजूद नहीं था।
यह कार्रवाई ड्रग्स विभाग द्वारा अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाहियों को उजागर करती है, विशेषकर तब जब कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की ऑपरेशन थिएटर (OT) में अनियमितता पाए जाने पर उसे सील किया था।
नारकोटिक दवाएं जब्त, मालिक नदारद-
सहारनपुर मंडल की स्पेशल ड्रग्स टीम द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर यह छापा मारा गया। सहायक आयुक्त औषधि, सहारनपुर मंडल के निर्देशन में औषधि निरीक्षक राघवेंद्र सिंह और औषधि निरीक्षक पवन शाक्य ने संयुक्त निरीक्षण किया।
प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा- औषधि निरीक्षक पवन शाक्य ने बताया कि निरीक्षण के दौरान ट्रामाडोल, क्लोनाज़ेपाम सहित कई प्रकार की नारकोटिक दवाएं बिना वैध दस्तावेजों और निर्धारित रिकॉर्ड के बड़ी मात्रा में भंडारित मिलीं।
अनियमितताएं- ये दवाएं सामान्य बिक्री के लिए खुले रूप में रखी थीं, जो कानून के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
जिम्मेदार नदारद- निरीक्षण के दौरान बंधन मेडिकल स्टोर के पार्टनर मोहम्मद आतिफ और मोहम्मद गुलशेर में से कोई भी जिम्मेदार या तकनीकी व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं था।
कड़ी कार्रवाई और बिक्री पर रोक-
ड्रग्स विभाग ने मौके पर पाई गई गंभीर अनियमितताओं के बाद तत्काल कार्रवाई की-
नमूने जब्त- टीम ने दो औषधीय नमूने जांच और विश्लेषण हेतु कब्जे में लिए।
बिक्री पर रोक- स्टोर पर किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के अनुपस्थित रहने के कारण, मेडिकल स्टोर की खरीद-फरोख्त को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
सहायक आयुक्त औषधि ने चेतावनी दी कि हॉस्पिटल और मेडिकल स्टोर की इस प्रकार की गंभीर लापरवाहियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










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