मुज़फ़्फ़रनगर : मुजफ्फरनगर के दुर्गनपुर गांव में फिर एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा नजर आया। तेंदुए द्वारा शिकार की गई गाय का शव भी जंगल में पड़ा मिला। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुज़फ्फरनगर जिले के बुढ़ाना क्षेत्र में करीब तीन माह से ग्रामीण डर के साये में जीने को मजबूर हैं। दुर्गनपुर, राजपुर, छाजपुर, सेनपुर समेत 6 गांवों के जंगलों में तेंदुए का पूरा परिवार ग्रामीणों को बार-बार दिखाई दे रहा है। तेंदुए दर्जनों नीलगाय, बकरियों और कुत्तों का शिकार कर चुके हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण कई बार वन विभाग के अधिकारियों से इन्हें पकड़ने की गुहार भी लगा चुके हैं।
बुधवार शाम को ग्रामीणों ने दुर्गनपुर गांव के जंगल में एक तेंदुए को पेड़ पर चढ़ते देखा। वन विभाग की ओर से तेंदुओं को पकड़ने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। उधर, वन क्षेत्राधिकारी सुशील कुमार का कहना है कि तेंदुए किसी ग्रामीण को परेशान नहीं कर रहे हैं। अगर एक भी तेंदुआ होता तो हम पिंजरा लगाकर उसे पकड़ लेते। अब अगर पिंजरा लगाकर एक तेंदुए को पकड़ लिया तो बाकी तेंदुए हिंसक हो जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से जंगल में समूह में काम करने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के परिवार के दिखने के बाद कई गांवों में दहशत का माहौल है। खेतों में काम करने वालों पर तेंदुए के हमले का खतरा बना हुआ है। साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी तेंदुए के हमले का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की ओर से मदद न मिलने से समस्या और गंभीर हो गई है। तेंदुए से बचाव के लिए ग्रामीणों ने खुद ही लाठी-डंडे लेकर चलना शुरू कर दिया है। हालांकि दहशत अभी भी बरकरार है।











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