मुजफ्फरनगर। पानीपत-शामली हाईवे पर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई एक नीलगाय को 16 घंटे से अधिक समय तक उपचार न मिलने पर गौसेवक निशु शर्मा ने वन विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। निशु शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वह बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर अनोखा प्रदर्शन करेंगे।
हादसा और अधिकारियों की लापरवाही-
रविवार देर रात पानीपत-शामली हाईवे पर एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से नीलगाय गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना में उसके दोनों पिछले पैर टूट गए, जिससे वह दर्द से तड़प रही है।
निशु शर्मा ने तत्काल वन विभाग के वन्यजीव प्रभारी, रेंज अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया और न ही कोई टीम मौके पर पहुँची। सोमवार सुबह से भी अधिकारियों ने बात करने से इनकार कर दिया।
निशु शर्मा ने इसे “अमानवीय” बताया और कहा कि “वन विभाग का काम वन्यजीवों की रक्षा करना है, लेकिन अधिकारी फोन तक उठाने को तैयार नहीं। यह सरासर लापरवाही और कर्तव्य की अवहेलना है।”
अल्टीमेटम: चप्पल और गर्म कपड़े त्याग कर धरना-
अपनी मांगों को मनवाने के लिए निशु शर्मा ने कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि:
वह बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर अपने चप्पल और गर्म कपड़े त्याग देंगे और नंगे पांव धरने पर बैठेंगे।
यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो जाती।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए और घायल नीलगाय का तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जाए। गौसेवक निशु शर्मा पहले भी कई बार घायल वन्यजीवों को बचाने के लिए सक्रिय रहे हैं।










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