मुज़फ्फरनगर। जानसठ नगर पंचायत जानसठ की हालिया बोर्ड बैठक में 9 सभासदों ने नाराजगी जताई और अधिशासी अधिकारी नीलम पांडे को पत्र सौंपा। पत्र में उन्होंने पिछले बोर्ड प्रस्तावों को निरस्त करने और विकास कार्यों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
बोर्ड बैठक में दूरी बनाए रहे सभासद-
नगर पंचायत की बोर्ड बैठक से अधिकांश सभासदों ने दूरी बनाई। उनके अनुसार, बोर्ड बैठक का एजेंडा केवल 24 सितंबर को शाम 6 बजे भेजा गया, जबकि नियम के अनुसार इसे बैठक से दो दिन पहले भेजना अनिवार्य है। इसके अलावा, कस्बे में विकास कार्यों में भेदभाव और नगर पंचायत सीमा से बाहर संपत्ति को नगर में दर्ज किए जाने के विरोध में अधिकांश सभासद बोर्ड बैठक में नहीं पहुंचे।
सभासदों की मांगें-
9 सभासदों ने अधिशासी अधिकारी नीलम पांडे से कहा कि विकास कार्यों में भेदभाव न किया जाए और नियमों का पालन किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क, पानी और नालों की सफाई जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की।
सभासद मोहम्मद अहसान, आशु कंसल और सुशील कुमार ने कहा कि नगर पंचायत द्वारा नियम विरुद्ध संपत्ति दर्ज करना ठीक नहीं है। एक सभासद ने आरोप लगाया कि उनके घर जाकर नगर पंचायत के एक कर्मचारी ने स्वच्छता अभियान के नाम पर उनकी पत्नी के दस्तखत बोर्ड बैठक के रजिस्टर पर करवा दिए।
अधिकारी का आश्वासन-
अधिशासी अधिकारी नीलम पांडे ने सभासदों को आश्वासन दिया कि गत दिवस हुई बोर्ड बैठक को स्थगित कर दिया जाएगा और बिना भेदभाव विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे।
इस दौरान ईओ नीलम पांडे, सभासद सुशील कुमार, मोहम्मद अहसान, आशु कंसल, सतपाल प्रजापति, धर्मेश सैनी, राजन कुमार, गौरव भटनागर और जॉनी आदि मौजूद रहे।










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