मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना चर्चित मोनू खटीक हत्याकांड में आरोपी बनाए गए सादिक पुत्र रियाज की शुक्रवार देर रात मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। सादिक कस्बे के दक्षिणी भटवाड़ा, करबला रोड का रहने वाला था।
मोनू हत्याकांड की पृष्ठभूमि-
गौरतलब है कि बुढ़ाना कस्बे में चोर समझकर पीटने के मामले में बीते अगस्त महीने में युवक मोनू खटीक की निर्मम हत्या कर दी गई थी। स्थानीय लोगों ने मोनू को चोरी के शक में पकड़ा और बुरी तरह पीटा। गंभीर चोटों के चलते मोनू की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और मामला तूल पकड़ गया था।
पुलिस ने हत्या का केस दर्ज करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें सादिक का नाम प्रमुख रूप से सामने आया था।
सादिक की गिरफ्तारी और मौत तक की पूरी कहानी-
20 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में सादिक के पैर में गोली लगी थी।
उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
जेल में रहने के दौरान 24 सितंबर को अचानक उसे तेज पेट दर्द की शिकायत हुई।
पहले उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में हालत बिगड़ने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस की जांच और परिवार का रोष-
सादिक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि उसकी तबीयत बिगड़ने पर समय रहते सही इलाज नहीं मिला। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
इलाके में तनाव का माहौल-
मोनू खटीक हत्याकांड पहले से ही साम्प्रदायिक संवेदनशीलता से जुड़ा मामला माना जा रहा था। अब आरोपी सादिक की मौत ने इस केस को और अधिक तूल दे दिया है। पुलिस ने हालात पर नजर रखते हुए इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है।










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