मुजफ्फरनगर। अदालत ने तांत्रिक को पोक्सो एक्ट और मारपीट की धाराओं में दोषी करार देते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) की पीठासीन अधिकारी अलका भारती ने यह फैसला सुनाया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव न्याजूपुरा में 11 अगस्त 2020 को घटना हुई। वादी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि आरोपी नूर हसन ने घर में भूत प्रेत का साया बताया। उसने बताया कि यदि इलाज नहीं कराया तो पूरा परिवार खत्म हो जाएगा। वादी को डराकर उसने फीस के नाम पर 21 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद दोषी ने घर जाकर वादी की पुत्रियों को लात घूसों से पिटाई की। पुत्रियों से अश्लील हरकत करने का आरोप था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज की और विवेचना के बाद तांत्रिक के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल कर दिया। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) की पीठासीन अधिकारी ने दोषी नूरहसन को तीन साल का कारावास और छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।










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