मुजफ्फरनगर। जनपद के बुढ़ाना क्षेत्र के जौला गांव में बकरीद पर कुर्बानी के बाद कुछ लोगों द्वारा शमशान भूमि में अवशेष दबाने की घटना से हिन्दू समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण शमशान पर एकत्र होकर विरोध करने लगे। स्थिति को गंभीर होता देख पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर शांत किया।
पुलिस ने शमशान से अवशेषों को खुदवाकर अन्य स्थान पर दफन कराया। साथ ही, स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्र ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इसी बीच बुढ़ाना ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार पूरी आस्था और सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह 7:45 बजे स्थानीय ईदगाह में मुफ्ती दिलशाद कासमी ने नमाज़ अदा कराई, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। अपने खुतबे में मुफ्ती साहब ने कुर्बानी की अहमियत और इंसानियत का पैग़ाम दिया।
नमाज़ के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। कुर्बानी की रस्म शांति और शरई हिदायतों के अनुसार अदा की गई। नई बस्ती, पीर शाह विलायत, शफीपुर और पट्टी लुहसाना रोड आदि क्षेत्रों में सफाई और पर्देदारी का विशेष ध्यान रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी मुस्तैद रहा।
एसपी देहात आदित्य बंसल, एसडीएम राजकुमार भारती और थाना प्रभारी आनंद देव मिश्र ने सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया।











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