नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के दो दिग्गज नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ FIR दर्ज करने की मंजूरी दे दी है। यह मामला कथित 1300 करोड़ रुपये के क्लासरूम घोटाले से जुड़ा है। यह घोटाला स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है। राष्ट्रपति की मंजूरी से AAP नेताओं पर जांच का दबाव बढ़ सकता है। ये मामला पिछली अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से राष्ट्रीय राजधानी के 193 सरकारी स्कूलों में 2,405 कक्षाओं के निर्माण से जुड़ा है।
इस मामले में CVC ने अपनी 17 फरवरी, 2020 की रिपोर्ट में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा दिल्ली सरकार के विभिन्न स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण में अनियमितताओं का जिक्र किया था। CVC ने फरवरी 2020 में DoV को रिपोर्ट भेजी थी और इस मामले पर उनकी टिप्पणी मांगी थी। लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने ढाई साल तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की।
इस साल अगस्त में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को देरी की जांच करने और इस संबंध में एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। अप्रैल 2015 में उस समय के सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण का निर्देश दिया था। PWD को 193 स्कूलों में 2405 कक्षाओं के निर्माण का काम सौंपा गया था। PWD ने कक्षाओं की आवश्यकता का पता लगाने के लिए एक सर्वे किया। सर्वे के आधार पर, 194 स्कूलों में 7180 समतुल्य कक्षाओं (ECR) की कुल आवश्यकता का अनुमान लगाया गया। यह 2405 कक्षाओं की आवश्यकता का लगभग तीन गुना था।
दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोपों में जांच का शिकंजा कसता जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच की अनुमति दे दी है। यह मंजूरी दिल्ली के उपराज्यपाल सचिवालय को भेज दी गई है। दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने पहले एलजी कार्यालय के जरिए MHA से यह अनुमति मांगी थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों नेताओं पर एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी दे दी है। मनीष सिसोदिया आबकारी नीति घोटाले और सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी हैं। दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। इस मंजूरी के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद है। दोनों नेताओं की आने वाले समय में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मनीष सिसोदिया दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और सत्येंद्र जैन स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। सिसोदिया पर आबकारी नीति 2021-22 में घोटाले का आरोप है, जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। वहीं, सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। MHA की मंजूरी मिलने के बाद अब दोनों नेताओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।











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