चंडीगढ़। पटियाला के सन्नौर हलके से आप विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस ने हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार कर लिया है। जब पुलिस उन्हें थाने ले जा रही थी, उसी दौरान पठानमाजरा व उनके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी और गाड़ी चढ़ाने की भी कोशिश की। इससे एक पुलिस कर्मी घायल हो गया। बाद में पठानमाजरा व उसके साथी मौके से गाड़ियों में फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक पठानमाजरा की गिरफ्तारी धारा 376 आईपीसी यानी दुष्कर्म के एक पुराने मामले में की गई थी। विधायक की सुरक्षा भी सरकार की ओर से वापस ली जा चुकी है। क्योंकि पठानमाजरा लगातार अपनी ही सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे।
उन्होंने सिंचाई विभाग के मुख्य अधिकारी कृष्ण कुमार को पंजाब में बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने बाढ़ प्रभावित अपने सन्नौर हलके की समस्याओं को उठाया और नदी के सफाई के मुद्दे पर अधिकारियों व अपनी सरकार की आलोचना की थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पठानमाजरा के खलफ पहले ही शिकायत की जांच चल रही थी। 26 अगस्त को संबंधित महिला ने एक नई शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें विधायक पठानमाजरा पर शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करने के आरोप लगाए गए थे।
पठानमाजरा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 2022 में पठानमाजरा की दूसरी पत्नी गुरप्रीत कौर ने विधायक पर उसकी पहली शादी छिपाने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप लगाए थे। इसके अलावा एक कथित अश्लील वीडियो के वायरल होने के बाद भी पठानमाजरा काफी सुर्खियों में रहे थे।
पठानमाजरा के वकील सिमरनजीत सिंह सग्गू ने कहा कि हरमीत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है… मामला हाईकोर्ट में लंबित था। हाईकोर्ट ने इसे निपटा दिया और डीआईजी रोपड़ रेंज को जांच के लिए नियुक्त किया। यह एफआईआर पिछले दो दिनों में बाढ़ के कारण बदले राजनीतिक परिदृश्य का नतीजा है। यह कानून के खिलाफ, तथ्यों के खिलाफ और राजनीतिक लोगों और नौकरशाही के बीच पूरी तरह से रस्साकशी है। दुष्कर्म की धारा और धारा 420 लगाई गई है।
शिकायतकर्ता ने एसएसपी मोहाली के समक्ष आवेदन दिया था और हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। एसएसपी मोहाली ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट के जरिए ये सभी आरोप पेश किए थे। शिकायतकर्ता ने खुद स्वीकार किया था कि वह हरमीत सिंह के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी और अगर रिश्ते सुधरते हैं तो वह इसे जारी रखने के लिए तैयार है। अगर ऐसी स्थिति है, तब भी धारा 376 और 420 लगाई जा रही हैं। यह व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।











Discussion about this post