लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा, आधार कार्ड को मान लिया जाता तो जनता को बहुत सुविधा होती। 12 विकल्प दिए गए हैं, इससे मेहनत बढ़ेगी। समय और मिलना चाहिए। एक महीने में पूरा(SIR) नहीं हो सकता है, ग्रामीण अंचल में तो कुछ लोगों को पता ही नहीं है। अभी शादी-विवाह भी चल रहे हैं तो समय और मिलना चाहिए।
शिवपाल यादव के बयान की विस्तृत जानकारी:
आधार कार्ड की स्वीकार्यता पर जोर-
प्रमाण पत्रों की संख्या: शिवपाल यादव ने कहा कि SIR के लिए जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में 12 विकल्प दिए गए हैं, जिससे प्रक्रिया बहुत लंबी और थकाऊ हो गई है।
आसान विकल्प: उनके अनुसार, अगर आधार कार्ड को ही जन्मतिथि का प्रमाण मान लिया जाता तो लोगों के लिए यह काम बहुत आसान हो जाता।
दिक्कतें: इस जटिल प्रक्रिया से ग्रामीण इलाकों के अशिक्षित और गरीब लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिनके पास अक्सर अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते हैं।
समय-सीमा पर सवाल-
असंभव लक्ष्य: यादव ने कहा कि एक महीने के भीतर SIR की प्रक्रिया को पूरा करना संभव नहीं है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां जागरूकता और संसाधनों की कमी है।
जागरूकता का अभाव: उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण इलाकों के बहुत से लोगों को इस अभियान के बारे में जानकारी ही नहीं है, जिससे वे अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने से वंचित हो सकते हैं।
त्योहारी मौसम: शिवपाल यादव ने इस बात का भी जिक्र किया कि इस दौरान शादी-विवाह का सीजन चल रहा है, जिससे लोग अन्य कामों में व्यस्त हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए और अधिक समय दिया जाए।
सरकार पर आरोप-
साजिश का आरोप: शिवपाल यादव ने अप्रत्यक्ष रूप से सरकार पर आरोप लगाया है कि SIR के नाम पर भाजपा अपने लाभ के लिए वोटरों की सूची से नाम कटवा रही है।
दबाव की राजनीति: उन्होंने कहा कि सरकार दबाव की राजनीति कर रही है और अपने कार्यकर्ताओं के फर्जी वोट बढ़वाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
सपा की प्रतिक्रिया-
जागरूकता अभियान: समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव के आरोपों के समर्थन में अपने कार्यकर्ताओं से लोगों को जागरूक करने और SIR प्रक्रिया की निगरानी करने की अपील की है।
आयोग से शिकायत: शिवपाल यादव ने चुनाव आयोग से भी इस मामले की शिकायत करने का आश्वासन दिया है।










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