संभल। हम गंगा एक्सप्रेस-वे के नजदीक ही टहल रहे थे। अचानक तेज आवाज आई और धुआं से उठता दिखा। मौके पर पहुंचे तो धुआं ही धुआं दिख रहा था। करीब पहुंचे तो ऑल्टो कार और पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त थे। पिकअप में भरी सब्जी बिखरी पड़ी। ऑल्टो कार में कुछ लोग दर्द से कराह रहे थे और कुछ सड़क पर पड़े थे। यह देखकर सभी का दिल दहल गया। यह बात हादसे के पहले चश्मदीद सुभाष ने बताई है।
गांव रसूलपुर धतरा निवासी सुभाष ने बताया कि हादसा देखते ही एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। एंबुलेंस तो नहीं पहुंची लेकिन पुलिस पहुंच गई। जो लोग जिंदा थे उन्हें लेकर पुलिस जिला अस्पताल चली गई और जिन लोगों के शव भी क्षत विक्षत हो गए थे उनके लिए एंबुलेंस का इंतजार किया। जब 108 एंबुलेंस पहुंची तो शव ग्रामीणों ने रखवाए।
ग्रामीणों ने बताया कि ऑल्टो कार को देखकर लग रहा है कि 100 से ज्यादा स्पीड से हादसा हुआ है। ऑल्टो के साथ पिकअप गाड़ी भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि हादसा गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुआ है। क्रेन से वाहनों को घटनास्थल से हटा दिया गया है।
नामकरण में शामिल होकर लौट रहा था परिवार-
रोहित के छोटे भाई डेविड की पत्नी अमरवती ने तीसरी बेटी को जन्म दिया है। बृहस्पतिवार को उसका नामकरण का कार्यक्रम तय हुआ तो रोहित पूरे परिवार के साथ बहन, भाभी और भांजे को अपनी कार से लेकर गांव बिसारू पहुंच गए थे। दोपहर में दावत का कार्यक्रम किया गया। एक साथ पूरा परिवार रहा तो खुशियां ही खुशियां छाई रहीं। शाम को करीब छह बजे के बाद रोहित आदमपुर जाने के लिए निकले थे। पूरी कार में आठ लोग सवार थे। गांव बिसारु से करीब 12 किलोमीटर दूर रसूलपुर धतरा में हादसे का शिकार हो गए। जो खुशियों का माहौल था वह गम के माहौल में बदल गया।
जयवंती की आंखों से पहले निकले आंसू, फिर पथरा गईं-
रोहित अपने भाइयों में सबसे बड़े हैं। गांव बिसारु में मां जयवंती छोटे बेटे डेविड के साथ रहती हैं। रोहित और सुनील अपने परिवार के साथ महीने में दो से तीन चक्कर जयवंती की खातिर लगाते हैं। जयवंती को जब पता चला कि उनके बेटे, बेटी, बहू, पोता-पोती और नाती हादसे की चपेट में आ गए हैं तो वह रोने लगी थीं। बाद में उनको किसी ने बताया कि छह लोगों की मौत हो गई है तो उनकी आंखें पथरा गईं। गांव के लोगों ने उनको किसी तरह संभाला है।
देववती अपने पीछे छोड़ गईं तीन बच्चे-
देववती रोहित की बड़ी बहन थीं। उनके दो बेटे उमेश, गौरव और एक बेटी दामिनी है। देववती रोहित के साथ कार में सवार होकर नामकरण के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आई थीं। लौटते समय हादसे में जान गवां बैठीं। बच्चे मां की मौत की सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे तो रो रोकर बुरा हाल हो गया।
सुनील ने पत्नी को भेजा, खुद करते रहे घर की रखवाली-
रोहित के छोटे भाई सुनील की पत्नी गीता की भी इस हादसे में जान गई है। गीता के पास कोई बच्चा नहीं था। नामकरण की दावत में शामिल होने के लिए वह रोहित के परिवार के साथ ही चली गई थीं। सुनील जिला अस्पताल पहुंचे तो परिवार के छह सदस्यों के शव देखकर बिलख पड़े। रोते हुए बताया कि वह घर पर रखवाली के लिए रह गए थे। पत्नी को भेज दिया था। वह वक्त को कोसते हुए दिखाई दिए।
यह है मामला-
हयातनगर थाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार की शाम सब्जी से भरी पिकअप तेज रफ्तार के कारण सामने से आ रही ऑल्टो कार से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार छह लोगों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों में सराफ की पत्नी, बेटा-बेटी, भाभी, बहन, भांजा शामिल हैं। सराफ और एक बेटे की हालत गंभीर है। पिकअप चालक व हेल्पर भी घायल हैं। गंगा एक्सप्रेसवे पर अनधिकृत रूप से वाहनों की घुसपैठ और तेज रफ्तार हादसे का कारण माना जा रहा है।











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