हरिद्वार। रविवार सुबह करीब नौ बजे मनसा देवी मंदिर पर चढ़ रहे श्रद्धालुओं में किसी ने करंट लगने की अफवाह फैला दी, जिससे श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। अफरा-तफरी में लोग एक-दूसरे पर गिर गए। चीख-पुकार के बीच कई श्रद्धालु दब गए। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, सीएम धामी, पीएम मोदी और समेत कई नेताओं की प्रतिक्रिया इस पर सामने आई है।
हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। इस संबंध में निरंतर स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।
मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुखी हूं। अपनों को खोने वालों के प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।
मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने इस त्रासदी को महज़ एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्थागत विफलता करार दिया है। इसे लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट भी लिखी।
लिखा कि धर्मनगरी हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ की हृदयविदारक घटना से मन व्यथित है। जिन श्रद्धालुओं ने अपने प्रियजनों को खोया, ईश्वर उन्हें शक्ति दें और दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।धार्मिक स्थलों पर ऐसी भयावह घटनाएं व्यवस्थाओं की लापरवाही को उजागर करती हैं। ये सिर्फ़ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की असफलता है, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। केजरीवाल के बयान ने सीधे तौर पर उत्तराखंड सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिखा कि हर साल लाखों श्रद्धालु सावन के अवसर पर हरिद्वार और मनसा देवी मंदिर पहुँचते हैं, लेकिन इसके बावजूद भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था हर बार असफल क्यों हो जाती है? यह सवाल अब उत्तराखंड की बीजेपी सरकार को जवाब देना होगा। आप नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक उदासीनता का नतीजा है।
जब पहले से ही अनुमान था कि भारी भीड़ उमड़ेगी, तो क्यों नहीं किए गए उचित इंतज़ाम? पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी ने इस घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है और कहा है कि सिर्फ खानापूरी से बात नहीं बनेगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
मनसा देवी मंदिर में रविवार को हुई भगदड़ की घटना पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गहरा दुख व्यक्त किया और इसे एक बड़ी चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना सुबह पता चलने पर उन्हें झटका लगा। रावत ने इस घटना की गहनता से जांच की मांग की है।











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