ढाका। बांग्लादेश के चर्चित छात्र नेता और ‘इंकिलाब मंचो’ के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश की राजनीति में जबरदस्त तनाव पैदा हो गया है। मृतक के भाई ओमर हादी ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए इसे एक ‘प्रायोजित राजनीतिक हत्या’ करार दिया है।
चुनाव बिगाड़ने के लिए सरकार ने करवाई हत्या-
ढाका के शाहबाग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ओमर हादी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई की हत्या आगामी 12 फरवरी (2026) को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों को टालने या पटरी से उतारने की एक बड़ी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे एक खास गुट ने जानबूझकर उस्मान को रास्ते से हटाया ताकि चुनावी माहौल को अस्थिर किया जा सके।
ओमर हादी ने कड़े शब्दों में कहा-
“आपने ही उस्मान को मरवाया है। वह किसी विदेशी आका या एजेंसी के आगे नहीं झुका, इसलिए उसे मार दिया गया। अब आप इसी हत्या का बहाना बनाकर चुनाव बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।”
यूनुस सरकार को अंतिम चेतावनी-
ओमर हादी ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हत्यारों को तुरंत सजा नहीं मिली, तो इस सरकार का अंत भी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना जैसा होगा। उन्होंने कहा कि न्याय न मिलने की स्थिति में सरकार को भी देश छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ेगा।
मस्जिद के बाहर हुआ था हमला-
32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी पर ढाका में उस समय हमला हुआ था जब वह एक मस्जिद से नमाज पढ़कर बाहर निकल रहे थे। हमलावरों की गोली से गंभीर रूप से घायल हादी को बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, जहाँ 19 दिसंबर (2025) को उन्होंने अंतिम सांस ली।
चुनाव पर संकट के बादल-
उस्मान हादी आगामी चुनावों में एक मजबूत उम्मीदवार के तौर पर देखे जा रहे थे। उनकी मौत ने न केवल उनके समर्थकों को आक्रोशित कर दिया है, बल्कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव कराने की क्षमता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।











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