मुजफ्फरनगर। रक्षाबंधन पर्व के दृष्टिगत जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जनपद में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। आम जनता को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई के दौरान तीन प्रमुख मिठाई की दुकानों से कुल 7 खाद्य पदार्थ के नमूने लिए गए, जबकि लगभग 20 किलोग्राम खराब मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त खाद्य अर्चना धीरान एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवकुमार मिश्र ने किया। उनके साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी वैभव शर्मा, विशाल चौधरी, सुनील कुमार और कुलदीप सिंह की टीम मौजूद रही।
कोर्ट रोड स्थित नंदी स्वीट्स से टीम ने पनीर और घेवर का एक-एक नमूना संग्रहित किया। ये दोनों वस्तुएं रक्षाबंधन पर अत्यधिक खपत में रहती हैं, इसलिए इनकी गुणवत्ता उपभोक्ता स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सर्कुलर रोड स्थित लेखा स्वीट्स से मावा, चमचम और शाही टोस्ट के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान दुकान में करीब 20 किलो खराब मिठाई अस्वच्छ अवस्था में पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5000 बताई गई। विभागीय टीम ने नियमों के अनुसार मौके पर ही मिठाई को नष्ट कर दिया।
हनुमान चौक, शामली रोड स्थित आहूजा स्वीट्स से बूंदी के लड्डू और बर्फी के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया है, जहाँ उनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
सहायक आयुक्त अर्चना धीरान ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि कोई नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधिक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि रक्षाबंधन और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए विभाग द्वारा मिठाई विक्रेताओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही, आमजन से अपील की गई है कि मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना विभाग को दें।










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