मुजफ्फरनगर। किसानों के सबसे बड़े संगठनों में से एक, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपने नाम और लोगो के भ्रामक और अनधिकृत उपयोग के खिलाफ कड़ी कानूनी चेतावनी जारी की है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया है कि संगठन का नाम एक पंजीकृत ट्रेडमार्क है और इसका दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति या गुट पर अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नाम के दुरुपयोग पर कड़ी आपत्ति-
गुरुवार को मुजफ्फरनगर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, भाकियू ने यह चेतावनी दी है। संगठन ने संज्ञान में लिया है कि हाल के दिनों में कुछ व्यक्ति और तथाकथित किसान संगठन, संगठन के मूल नाम में थोड़ा फेरबदल करके या अपने गुट के नाम के आगे “भारतीय किसान यूनियन” शब्द जोड़कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। ये भ्रामक गुट खुद को मूल भाकियू से संबद्ध या अधिकृत दर्शाने की अवैध कोशिश कर रहे हैं। भाकियू ने साफ किया है कि ऐसे किसी भी समूह से उसका कोई संबंध नहीं है।
कानूनी आधार और ट्रेडमार्क पंजीकरण-
विज्ञप्ति में भाकियू ने अपने कानूनी अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि “भारतीय किसान यूनियन” नाम, ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 के अंतर्गत विधिवत रूप से पंजीकृत ट्रेडमार्क है।
पंजीकरण की तिथि: 26 जुलाई 2025
ट्रेडमार्क जर्नल संख्या: 2199
ट्रेडमार्क प्रमाण पत्र संख्या: 3888524
इस पंजीकरण के बाद, भाकियू को पूरे भारत में अपने संगठनात्मक, सामाजिक और कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए इस नाम और पहचान पर विशेष कानूनी अधिकार प्राप्त हैं।
गंभीर अपराध की चेतावनी-
राकेश टिकैत ने चेतावनी दी है कि भ्रामक नामों का उपयोग करना ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा, यह गतिविधि भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत मिथ्या प्रस्तुतीकरण और सार्वजनिक धोखाधड़ी के गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
भाकियू प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे तत्वों के खिलाफ जल्द ही सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है, ताकि किसानों और आम जनता को किसी भी प्रकार के धोखे से बचाया जा सके।










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