मुजफ्फरनगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने पुलिस बल के सहयोग से खाद्य तेलों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ी और औचक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में लगभग 682 लीटर नकली सरसों का तेल जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये है। विभाग की इस अचानक हुई छापेमारी से मिलावट का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है।
मावा भट्ठियों पर पहला छापा-
FSDA की टीम ने अपने अभियान की शुरुआत भैंसरहेडी गांव से की, जहाँ चल रही दो मावा भट्ठियों पर छापा मारा गया। जन स्वास्थ्य के प्रति चिंता जताते हुए, टीम ने मावे की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया और मिलावट की आशंका के चलते मावे के दो विधिक नमूने संग्रहित किए। इन नमूनों को आगे की जाँच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मावा भट्ठी संचालकों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शाहपुर और लद्दावाला में तेल प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई-
इसके बाद, टीम ने शाहपुर स्थित भव्य ट्रेडर्स पर छापा मारा। यहाँ जांच के दौरान, अधिकारियों को सरसों के तेल में मिलावट का गंभीर संदेह हुआ। कार्रवाई करते हुए, टीम ने 682 लीटर संदिग्ध सरसों तेल जब्त कर लिया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 1,16,000 रुपये है। तेल का एक विधिक नमूना भी जाँच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। टीम ने लद्दावाला में भी दो प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की-
मैसर्स पूजा ऑयल एंड पूजा आटा प्रतिष्ठान: यहाँ से सरसों तेल का एक नमूना लिया गया और 15 टीन में भरा लगभग 225 किलोग्राम तेल सीज किया गया, जिसका मूल्य लगभग 54,000 रुपये है।
मैसर्स भगवती ऑयल: यहाँ से भी एक नमूना लिया गया और 8 टीन में भरा लगभग 100 किलोग्राम तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत 16,000 रुपये बताई गई है।
जन स्वास्थ्य के प्रति सख्त रुख-
विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए सभी नमूनों को जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर, संबंधित फर्मों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी दोहराया है कि जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।










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