मुजफ्फरनगर। देशभर में आई भीषण बाढ़ से किसानों और आम लोगों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज की मांग की है। यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, ओडिशा और असम समेत कई राज्य बाढ़ से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खेत-खलिहान डूब चुके हैं, पशुधन बह गया है और किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। “अब किसान फसल नहीं, बल्कि अपने परिवारों को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राहत प्रदान करनी चाहिए। केंद्र सरकार को चाहिए कि प्रभावित राज्यों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करे और मुआवजे की प्रक्रिया तुरंत शुरू करे।
राकेश टिकैत ने बताया कि भाकियू ने राहत अभियान की शुरुआत कर दी है और चंडीगढ़ स्थित किसान भवन को राहत कार्यों का बेस कैंप बनाया गया है। यहां से स्वयंसेवक प्रभावित क्षेत्रों तक भोजन, दवाइयां और आवश्यक सामग्री पहुंचा रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस आपदा की घड़ी में मानवता का धर्म निभाते हुए किसानों के साथ खड़े हों।
भाकियू मुख्यालय सिसौली में सोमवार को चौधरी देवीलाल पुस्तकालय पर आपात बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के युवा विंग के अध्यक्ष चौधरी गौरव टिकैत ने की। गौरव टिकैत ने कहा कि पंजाब में बाढ़ से हुई तबाही ने किसानों को बेसहारा कर दिया है और देश का हर किसान पंजाब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
उन्होंने बताया कि गांव-गांव से राहत सामग्री एकत्र की जा रही है और किसी भी हालत में पीड़ितों को राशन या अन्य जरूरी सामान की कमी नहीं होने दी जाएगी। आगामी 5 सितंबर को किसान भवन सिसौली से राहत सामग्री की बड़ी खेप पंजाब रवाना होगी, जहां प्रभावित परिवारों को यह सामग्री वितरित की जाएगी। बैठक में मौजूद किसानों ने एक स्वर में कहा कि संकट की इस घड़ी में पंजाब अकेला नहीं है, बल्कि पूरा देश उनके साथ है।










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