मॉस्को: रूस ऐसा देश बन गया है जो स्कूली छात्राओं को बच्चे पैदा करने के बदले में पैसे देने की पेशकश कर रहा है। मध्य रूस के ओर्योल क्षेत्र इसकी शुरुआत करने वाला पहला क्षेत्र बना है। यह इलाका रूस के उन 40 क्षेत्रों में है, जो महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं को मां बनने पर कम से कम 100000 रूबल (करीब 1200 डॉलर) प्रदान करता है। मीडिया आउटलेट 7×7 की रिपोर्ट के अनुसार, नये फरमान में कम उम्र की स्कूली लड़कियों को भी भुगतान देने की बात कही गई है। क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई क्लिचकोव ने गुरुवार को इस कार्यक्रम का विस्तार किया।
दरअसल, रूस इस समय तेजी से गिरती आबादी के संकट का सामना कर रहा है। देश की जन्म दर पहले से ही कम बनी हुई है। आधिकारिक डेटा से पता चलता है कि रूस में जन्म दर 25 साल के निचले स्तर पर आ गई है। वहीं, मृत्यु दर में वृद्धि जारी है। यूक्रेन में युद्ध से मौतों ने इस संकट को और बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जन्म दर को बढ़ाने पर जोर दिया है और तीन या उससे अधिक बच्चों वाले परिवारों को आदर्श बताया है।
राष्ट्रपति पुतिन रूस को पारंपरिक मूल्यों के गढ़ के रूप में पेश करते रहे हैं, जो उनके विचार में पश्चिम के पतनशील समाज के साथ संघर्ष कर रहा है। उन्होंने महिलाओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उनका कहना है कि इसके रूस के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। इसके लिए पहले ही वित्तीय और अन्य प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
साल 2024 की पहली छमाही में रूस में लगभग 599,600 बच्चे पैदा हुए, जो 2023 की पहली छमाही की तुलना में 16,000 कम हैं। यह 1999 के बाद सबसे कम संख्या है। वहीं, मौतों की संख्या में 49,0000 की वृद्धि हुई। इस दौरान में देश में अप्रवास में 20% की वृद्धि हुई। सितंबर में जारी आधिकारिक आंकड़ों ने जन्म दर को एक चौथाई सदी में सबसे कम बताया, जबकि मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। इसकी प्रमुख वजह मॉस्को में यूक्रेन का युद्ध है। क्रेमलिन ने इन आंकड़ों को देश के लिए विनाशकारी कहा है।











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