सहारनपुर। पत्रकार आशीष धीमान और उनके भाई आशुतोष धीमान हत्याकांड के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-11 की अदालत ने तीन दोषियों—महिपाल सैनी, उनकी पत्नी विमलेश, और बेटे सूरज—को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, दादा जगदीश को आर्म्स एक्ट के तहत छह माह की सजा दी गई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 2.09 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। तीन अन्य आरोपियों, जो नाबालिग हैं, का मुकदमा किशोर न्यायालय में चल रहा है।
घटना 18 अगस्त 2019 को सहारनपुर के थाना कोतवाली सदर क्षेत्र के माधव नगर में हुई थी। एक समाचार पत्र के पत्रकार आशीष धीमान और उनके भाई आशुतोष धीमान को उनके घर में घुसकर गोली मार दी गई थी। हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाले महिपाल सैनी, उनकी पत्नी विमलेश, बेटे सूरज, और तीन नाबालिगों (एक किशोरी और दो किशोर) पर लगा था। पुलिस के अनुसार, नाली में गोबर डालने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिसके बाद यह जघन्य घटना हुई। आशीष की मां उर्मिला ने थाना कोतवाली सदर में मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने मामले में 150 पन्नों की चार्जशीट और केस डायरी अदालत में दाखिल की थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित त्यागी ने पैरवी के दौरान 14 गवाहों की गवाही कराई, जबकि बचाव पक्ष ने चार गवाह पेश किए। हत्या में प्रयुक्त हथियार जगदीश का था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया था। करीब 78 माह तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर 68 पेज का निर्णय सुनाया। दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।











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