जालौन। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। मीनाक्षी को शनिवार से हिरासत में रखा गया था और रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया।
क्या हुआ था उस रात ?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा उस समय इंस्पेक्टर के कमरे में मौजूद थी जब यह हादसा हुआ। इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने मीनाक्षी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के समय कमरे में हुई परिस्थितियों के कारण इंस्पेक्टर ने आत्महत्या की। जांच में संकेत मिले हैं कि कमरे में महिला सिपाही को देखकर इंस्पेक्टर ने यह कदम उठाया। सीसीटीवी फुटेज में मीनाक्षी थाने में दिखाई देती है और केवल तीन मिनट में बाहर चली जाती है।
ब्लैकमेलिंग और रंगदारी की चर्चा-
सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर और महिला सिपाही पिछले वर्ष से संपर्क में थे। दोनों कोंच थाने में तैनात थे। इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने बताया कि घटना की रात उन्होंने पति को फोन किया था, जिसके कुछ ही मिनटों बाद उन्हें पति की मृत्यु की खबर मिली।
जालौन एसपी दुर्गेश कुमार ने कहा कि महिला सिपाही की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। मीनाक्षी के पास से तीन मोबाइल और चार सिम कार्ड मिले हैं, जिनका डेटा खंगाला जा रहा है। एसपी ने कहा कि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की संभावना पर भी जांच जारी है और रंगदारी या ब्लैकमेलिंग के एंगल को भी देखा जा रहा है।
इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय संत कबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के राजनौली गांव के निवासी थे। वे 1998 में यूपी पुलिस में सिपाही बने, 2012 में उपनिरीक्षक पद पर प्रमोशन पाए और 2023 में इंस्पेक्टर बने। अगस्त 2025 में उन्हें कुठौंद थाने की कमान सौंपी गई थी। उनकी छवि विभाग में मिलनसार, शांत और सख्त अधिकारी की रही।
एसपी दुर्गेश कुमार ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











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