मुज़फ्फरनगर। चौंकाने वाले खुलासे में GST विभाग के एक अधिकारी पर उद्यमियों से जबरन वसूली और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। ऑल इंडिया इंडस्ट्री एसोसिएशन (IIA) ने मामले में खुलकर विरोध दर्ज कराते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
IIA अध्यक्ष अमित जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि GST विभाग के एक अधिकारी ने एक उद्यमी से होटल में मिलकर 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। जब सौदेबाजी शुरू हुई, तो अधिकारी 10 लाख रुपये नकद और हर महीने 50,000 रुपये हफ्ते के रूप में देने की डील करने लगा। इस दौरान उसने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर डराने-धमकाने का प्रयास भी किया और अपने साथ एक अन्य व्यक्ति को “भाई” के रूप में पेश किया, जो उद्यमी को और धमका रहा था।
यह पूरा मामला उस समय और गंभीर हो गया जब GST विभाग के डीसी मनोज शुक्ला ने उल्टा IIA चेयरमैन को एक नोटिस जारी कर साक्ष्य सहित उपस्थित होने का आदेश दे दिया। दरअसल, IIA द्वारा अपने आंतरिक ग्रुप में उद्यमियों को सचेत करने के लिए जो मैसेज भेजा गया था, उसे किसी व्यक्ति ने डीसी तक पहुंचा दिया था।
IIA ने इस घटनाक्रम को संगठित वसूली रैकेट बताते हुए कहा कि यह केवल एक उद्यमी तक सीमित नहीं है बल्कि कई व्यापारियों को इसी तरीके से डराया गया है। संगठन ने GST अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की है। IIA ने उद्यमियों से अपील की है कि वे इस प्रकार की घटनाओं को छिपाएं नहीं, बल्कि संगठन से संपर्क कर सुरक्षा प्राप्त करें।
इस प्रकरण के विरोध में IIA के पचास से अधिक पदाधिकारी और सदस्य GST कार्यालय पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
अश्विनी खंडेलवाल, नीरज केडिया, अशोक अग्रवाल, पवन गोयल, मनोज अरोड़ा, विपुल भटनागर, राहुल मित्तल, अमन गुप्ता, सुशील अग्रवाल, दीपक सिंघल, सुधीर अग्रवाल, नमन जैन, अनमोल गर्ग, समर्थ जैन, अरविंद मित्तल, डॉ. यशपाल सिंह, अनुराग अग्रवाल, नईम चांद, वैभव मित्तल, अनूप भाटिया सहित अन्य दर्जनों उद्यमी।
IIA ने स्पष्ट किया है कि संगठन व्यापारियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन का रुख भी अपनाया जाएगा।










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