जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर से गोरखपुर की दूरी 11 घंटे 52 मिनट है और ये सफर करीब 607 किलोमीटर का है. मगर अब ये दोनों जगह चर्चाओं में हैं. दरअसल जबलपुर के इंद्र कुमार तिवारी के साथ कुछ ऐसा हुआ है, जिसने सभी को चौंका दिया है. 45 साल के इंद्र कुमार तिवारी शादी के लिए परेशान था. उसके पास 18 बीघा जमीन थी, जिसकी देखभाल करने वाला उनके अलावा कोई नहीं था. ऐसे में वह शादी करके अपना वंश बढ़ाना चाहता था. मगर उसकी शादी को लेकर ये ही चाहत, उसकी मौत का कारण बन गई.
दरअसल पिछले दिनों कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य आचार्य के सामने इंद्र तिवारी ने अपनी शादी की बात रखी. बताया कि 18 बीघा जमीन भी है. उसके बाद उनकी ये रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस रील को गोरखपुर की रहने वाली 20 साल की शाहिदा बानो ने देख लिया. यहां से इंद्र कुमार तिवारी की मौत की कहानी लिखनी शुरू हो गई.
शाहिदा बानो अपने प्रेमी कौशल कुमार के साथ रहती थी. इंद्र की रील देखकर उसके दिमाग में शैतानी आईडिया आया और उसने प्रेमी के साथ मिल इंद्र तिवारी को फंसाने की योजना बना ली.
शाहिदा बानो और उसके प्रेमी कौशल ने वीडियो से ही इंद्र के घर का पता लगा लिया. दरअसल वीडियो में इंद्र अपने घर का पूरा पता खुद दे रहा था. शाहिदा ने अपने प्रेमी कौशल को संदीप बनाकर इंद्र के घर भेजा. वहां उसने इंद्र से कहा कि उसकी बहन खुशी तिवारी का रिश्ता लेकर वह आया है. शादी के लिए परेशान इंद्र शादी की बात सुनकर इन दोनों के जाल में फंस गया.
इसके बाद इंद्र और खुशी के बीच मोबाइल नंबरों की अदला-बदली हो गई. बातों ही बातों में तय हुआ कि 3 जून के दिन इंद्र खुशी से मिलने गोरखपुर आएगा. शाहिदा बानो उर्फ खुशी और उसके प्रेमी कौशल ने मिलकर गोरखपुर में एक कमरा किराए पर लिया. यहां इंद्र आया और तीनों साथ मिलकर रहने लगे.
बता दें कि शाहिदा बानो उर्फ खुशी तिवारी ने एक हलफनामा तैयार करवाया. इसमें लिखा गया कि इंद्र की मौत के बाद उसकी पूरी संपत्ति उसकी पत्नी खुशी तिवारी और उसके भाई संदीप की हो जाएगी.
इसके बाद युवती और उसके प्रेमी इंद्र को लेकर गाड़ी से कुशीनगर आ गए. यहां शादी होनी थी. होटल के कमरे में ही इंद्र और खुशी की शादी हुई. जयमाला पहनाई गई और इंद्र ने युवती की मांग में सिंदूर भर दिया. फिर सभी ने मिलकर खाना खाया. इसके बाद सुहागरात की बारी थी.
बता दें कि शाहिदा बानो खुशी बनकर सुहागरात मनाने के लिए इंद्र को कमरे में ले गई. यहां रात में उसने इंद्र को पनीर राइस खिलाया. मगर इस राइस में नींद की गोली मिली हुई थी. इसे खाते ही इंद्र बेहोश हो गया. इसके बाद उसका प्रेमी और गाड़ी का ड्राइवर शमसुद्दीन भी वहां आ गए. तीनों ने मिलकर इंद्र को कार में डाला और कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में उसकी चाकू गोदकर हत्या कर दी. फिर उसकी लाश को वहीं डाल दिया.
बता दें कि पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड के माध्यम से ये पूरा केस खोल दिया. जांच में ये भी सामने आया है कि शाहिदा बानो और उसके प्रेमी संदीप ने वारिस का हलफनामा भी तैयार करवा लिया था. शाहिदा की योजना थी कि इंद्र की विधवा बनकर वह सारी संपत्ति की मालकिन बन जाएगी. मगर पुलिस ने तीनों को पकड़कर जेल भेज दिया.











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