शामली। शहर के गांधी चौक स्थित शिव कुटी मंदिर की प्रबंध समिति और दुकानदारों के बीच दुकानों के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद में जेल गए भाजपा नेता विवेक प्रेमी एक माह बाद जिला कारागार से रिहा हो गए हैं। उनकी रिहाई के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। रिहाई के समय उनकी मां, पत्नी और तीन साल के इकलौते बेटे समेत कई समर्थक भी उनके साथ थे।
विवेक प्रेमी की रिहाई में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान की अहम भूमिका बताई जा रही है। संजीव बालियान ने शामली में व्यापारियों द्वारा विवेक प्रेमी की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित धरने में समर्थन किया था, जिसके बाद उनकी रिहाई संभव हो सकी।
गौरतलब है कि गांधी चौक स्थित शिव कुटी मंदिर की प्रबंध कमेटी के साधु-संतों और दुकानदारों के बीच लंबे समय से दुकानों के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में भाजपा नेता विवेक प्रेमी ने दुकानदारों का समर्थन किया और साधु-संतों का विरोध किया था। इसके बाद साधु-संतों ने विवेक प्रेमी के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया था। पुलिस ने विवेक प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
शुक्रवार को एक महीने की जेल काटने के बाद भाजपा नेता विवेक प्रेमी सुबह साढ़े सात बजे जिला कारागार से रिहा हो गए। रिहाई के दौरान उनके समर्थक, स्वर्णकार समाज के लोग और परिवार के सदस्य उपस्थित थे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवेक प्रेमी शामली लौटेंगे या नहीं, इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।











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