शामली: जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र में कर्ज में डूबे एक किसान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस क्षेत्राधिकारी श्याम सिंह ने बुधवार को बताया कि झिंझाना थाना क्षेत्र के पुरमाली गांव में आजाद (50) नामक किसान ने मंगलवार को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसका शव उसके खेत में मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिजनों के मुताबिक कर्ज के बोझ से लाचार होकर किसान ने आत्महत्या की है। भाई धर्मेंद्र ने बताया कि भाई आजाद का इस साल का गन्ना भुगतान थानाभवन मिल पर बकाया है। जो करीब दो लाख रुपये है। गन्ना भुगतान न होने के कारण वह न तो अपनी बेटी की फीस भर पा रहा था और न ही पत्नी का इलाज करा पा रहा था। इसके चलते वह तनाव में रहने लगा और उसने खौफनाक कदम उठाकर आत्महत्या कर ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आजाद रोजाना की तरह मंगलवार सुबह खेत पर काम करने गया था। उसके साथ दो मजदूर भी थे। मजदूर खेत पर काम करने लगे, जबकि किसान थोड़ा आगे निकल गया। कुछ देर बाद मजदूरों ने गोली चलने की आवाज सुनी। मजदूर घटनास्थल की ओर दौड़े। मौके पर पहुंचे मजदूरों ने देखा कि किसान आजाद खून से लथपथ था और उसके सीने में गोली लगी थी। मजदूरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
परिजनों ने बताया कि किसान पर बैंक और सहकारी समिति का कर्ज था। इसके चलते आजाद शराब पीने लगा था। कर्ज से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। मृतक किसान के भाई धर्मेंद्र ने बताया कि आजाद के पास 15 बीघा जमीन थी। कुछ समय पहले उसने दो बीघा जमीन बेची थी। उसके एक बेटा और एक बेटी है। बेटा पढ़ाई छोड़कर पिता की खेती में हाथ बंटाने लगा था।
आजाद के भाई धर्मेंद्र ने बताया कि आजाद अपनी बेटी की स्कूल फीस भी नहीं भर पा रहा था। स्कूल की फीस करीब 40 हजार रुपये हो गई थी। स्कूल वाले बार-बार फीस भरने का दबाव बना रहे थे। पत्नी भी एक साल से बीमार थी। धर्मेंद्र ने बताया कि घर में दोनों भाई साथ रहते हैं, लेकिन खेती अलग-अलग करते हैं।











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