मुजफ्फरनगर। नगर की ए टू जैड कॉलोनी में पिछले एक सप्ताह से चल रहा नव दंपति का विवाद तलाक के फैसले पर जाकर समाप्त हो गया है । पंचायत ने लड़का लड़की को अपने घर रहने का फैसला सुना दिया है और दोनों के तलाक की प्रक्रिया शुरू करा दी है।
आपको याद ही होगा कि मुजफ्फरनगर की ए टू जैड कॉलोनी में 31मार्च को बुढ़ाना निवासी शालिनी सिंघल ने टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया था । शालिनी बुढ़ाना के भाजपा नेता और पूर्व सभासद पवन सिंघल की बेटी हैं और इन्होंने आरोप लगाया था कि मेरे परिवार द्वारा शादी में सामर्थ्य के अनुसार धन खर्च करने के बावजूद ससुराल पक्ष 50 लाख रुपए और देने की मांग कर रहा है, जिसके चलते उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
शालिनी सिंघल की प्रणव सिंघल से इसी वर्ष 12 फरवरी को शादी हुई थी, पिछले वर्ष जून माह में दोनों का रिश्ता हुआ था, रिश्ते के कुछ दिन बाद ही दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया था लेकिन लड़के का रिश्ता कहीं से नहीं आ रहा था जिसके चलते लड़का पक्ष इस लड़की से शादी करने के लिए राजी हो गया था और उम्मीद कर रहा था कि शादी के बाद सब सही हो जाएगा । दोनों पक्षों ने 12 फरवरी को शादी भी कर ली लेकिन जब वे हनीमून पर बाली और सिंगापुर गए तो दोनों में वहीं विवाद शुरू हो गया और दोनों हनीमून से बीच में ही वापस लौट आए। इसके बाद होली आ गई और लड़की होली मनाने अपने घर चली गई ।
इसी बीच दोनों पक्षों की तरफ से कुछ पंचों ने फैसला करने का प्रयास शुरू किया लेकिन मामला नहीं निपटा तो 31 मार्च को भारतीय जनता पार्टी के बुढ़ाना के पूर्व सभासद पवन संगल अपने साथियों और बेटी के साथ ए टू जैड कॉलोनी में आकर बैठ गए और उन्होंने टेंट लगाकर लड़की की ससुराल के बाहर धरना शुरू कर दिया।
ए टू जैड कॉलोनी में वीरेंद्र सिंघल के घर के बाहर टेंट लगने की सूचना से कॉलोनी और शहर में हड़कंप मच गया और वैश्य समुदाय से जुड़ा मामला होने के चलते वैश्य समुदाय के प्रभावशाली लोग इस मामले को हल करने में जुट गए।
दो अप्रैल को मुजफ्फरनगर के महावीर चौक स्थित एक होटल में दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों की एक बैठक हुई जिसमें बुढ़ाना के पूर्व विधायक उमेश मलिक,जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, बुढ़ाना के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र त्यागी, मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष के पति गौरव स्वरूप, समाज सेवी भीमसेन कंसल, सनातन धर्म के अध्यक्ष शंकर स्वरूप बंसल, नई मंडी के व्यापारी नेता संजय मित्तल आदि ने कई घंटे तक आपसी विचार विमर्श किया, जिसके बाद पूर्व विधायक उमेश मलिक मीडिया के सामने आए और उन्होंने घोषणा की कि दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत हो गया है और लड़का अब लड़की को लेकर अपने घर में जाएगा और इस विवाद में अब भविष्य में कोई समस्या नहीं होगी। बुढ़ाना के मूल निवासी और जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने भी उस दिन कहा था कि दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत हो गया है।
दोनों पक्षों के बीच फैसले की खबर उस दिन शहर में जंगल में आग की तरह फैल गई और मिली जुली प्रतिक्रियाएं आ रही थी, जिस समय होटल में यह पंचायत चल रही थी, ठीक उसी समय लड़का प्रणव सिंघल मीडिया के सामने आया था, और उसने आरोप लगाया था कि यदि लड़की को उसके घर में प्रवेश दे दिया गया तो किसी दिन उसकी लाश भी मेरठ की तरह नीले ड्रम में बंद मिलेगी।
प्रणव सिंघल के इस बयान पर मीडिया ने उस दिन भी साफ लिखा था कि पंचों ने फैसला तो भले ही कर दिया हो लेकिन लड़का, लड़की को घर में ले जाते समय खुश नहीं लग रहा है, जो बात सही साबित हुई।
अगले ही दिन रविवार को मुजफ्फरनगर के प्रमुख समाजसेवी भीमसेन कंसल, गौरव स्वरूप,संजय मित्तल आदि लड़के के घर पहुंचे और लड़की के परिजनों के साथ लड़की को उसके मायके भिजवा दिया, जिसको लेकर मोहल्ले में काना फूसी शुरू हो गई।
भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक पंचायत के दिन ही यह निर्णय कर लिया गया था कि अब लड़का लड़की साथ नहीं रहेंगे लेकिन एक दिन के लिए लड़की को लड़के के घर में प्रवेश करा दिया जाएगा,उस दिन लडकी की मां भी लड़की के साथ रहेगी लेकिन अगले दिन दोपहर में लड़की के परिजन लड़की को वापस लेकर चले जाएंगे और शीघ्र ही इस मामले में बाकी औपचारिकता पूर्ण कराकर दोनों का तलाक करा दिया जाएगा।
अब दोनों पक्षों का फैसला हो गया है, लड़का पक्ष का कहना है कि लड़की अपने साथ अपना सारा सामान और दोनों पक्षों द्वारा दिए गए जेवरात लेकर अपने घर चली गई है, समाज के जिम्मेदार लोग दोनों पक्षों में राशि तय कर रहे हैं, जिसके बाद अब यह तय हो गया है कि फरवरी माह में हुआ यह रिश्ता इतनी जल्दी अब खत्म हो गया है और दो अप्रैल को जिस तरह से यह प्रचार किया गया था कि पंचों ने एक टूटता हुआ घर बसवा दिया है, वह जनता को केवल मूर्ख बनाने का ही प्रयास था, पंच उसी दिन तय कर चुके थे कि अब रिश्ता नहीं चल पाएगा और दोनों में तलाक करा दिया जाएगा ।











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