मुजफ्फरनगर। जनपद में बढ़ते ड्रग्स कारोबार के खिलाफ शिवसेना ने मंगलवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य मार्गों पर मार्च निकालकर जोरदार नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
यह विरोध प्रदर्शन शिवसेना मंडल अध्यक्ष शरद कपूर और जिला प्रमुख बिट्टू सिखेड़ा के नेतृत्व में हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कोर्ट रोड, शिव चौक, झांसी की रानी मार्ग से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मुजफ्फरनगर जिले में ड्रग्स माफियाओं का गढ़ बन चुका है, और इनका गोरखधंधा गली-मोहल्लों और गांवों तक फैल चुका है। इन माफियाओं के कारण जिले के बच्चे और युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
बिट्टू सिखेड़ा ने बताया कि ड्रग्स माफिया बेरोजगार युवाओं को फंसाकर उनकी आईडी से मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवाते हैं। फिर उन लाइसेंसों को 5-7 हजार रुपये महीने किराए पर लेकर नशीली दवाओं और इंजेक्शनों का कारोबार करते हैं।
उन्होंने नारकोटिक्स विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए, कि वह दिखावटी कार्रवाई कर सिर्फ लाइसेंसधारी युवाओं को जेल भेज देता है, जबकि असली माफिया पैसे और राजनीतिक सिफारिश के बल पर छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए शिवसेना कार्यकर्ता हेमंत शर्मा को फंसाया गया, जबकि असली आरोपी अक्षय शर्मा, गौरव शर्मा और सुबोध शर्मा अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
शिवसेना-क्रांतिसेना नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई और निर्दोष युवाओं की रिहाई सुनिश्चित नहीं हुई, तो पार्टी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगी और ड्रग्स माफियाओं के ठिकानों पर ताले जड़ दिए जाएंगे।
प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










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