मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिसर में बनी एक कथित पीर की कब्र को लेकर मंगलवार को शिवसेना ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी एसडी मार्केट स्थित शिव मंदिर से नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने अधिशासी अधिकारी प्रज्ञा सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कब्र का इतिहास सार्वजनिक करने की मांग की।
शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर पालिका की भूमि पर वर्षों से बनी इस कब्र को लेकर जनता में भ्रम की स्थिति है। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर कई हिंदू श्रद्धालु पूजा-पाठ करते हैं, जबकि सनातन परंपरा में मरे हुए व्यक्ति को पूजने की मान्यता नहीं है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘कब्र के अंदर कौन है?’ और ‘पीर जिहाद बंद करो’ जैसे नारे लगाए।
शिवसेना मंडल अध्यक्ष लोकेश सैनी और जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि कब्र किस पीर, फकीर या साधु की है, इसका कोई प्रमाण नहीं है। यदि वह किसी विशेष धार्मिक या सामाजिक योगदान के कारण पूजनीय है, तो उसका दस्तावेज सार्वजनिक किया जाए। महिला पदाधिकारी रेनू चौधरी और सुनीता मलिक ने आरोप लगाया कि जिलेभर में सड़कों, पार्कों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सरकारी भूमि पर फर्जी पीरों की आड़ में अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे ‘पीर जिहाद’ बताते हुए तत्काल प्रभाव से ऐसे ढांचों को हटाने की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें रहीं — नगर पालिका परिसर स्थित कब्र का इतिहास सार्वजनिक किया जाए, वहां दफन व्यक्ति की पहचान बताई जाए, उसके धार्मिक एवं सामाजिक योगदान की जानकारी दी जाए और सरकारी भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचों को हटाया जाए।
प्रदर्शन में शिवसेना के प्रमुख कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मंडल उपाध्यक्ष गौतम कुमार, नेहा गोयल, शालिनी शर्मा, अर्जुन गोस्वामी, सुमन प्रजापति, अनीता प्रजापति, मालती देवी, छाया देवी, कमलेश देवी, रीना प्रजापति, पारूल चौधरी, कांता देवी, प्रदीप कोरी, गोपी वर्मा, अंकित बालियान, दीपक वर्मा, भारत राजपूत, सूरज शेट्टी, विशाल सिंगल, डॉक्टर सचिन कुमार, मिंटू पाल, राजकुमार सैनी, अनिल शर्मा, विवेक सनातनी, शिवम पंडित, सोनू कुमार, राहुल मिश्रा, राहुल धीमान, सोनू गुप्ता, मोनू खटीक, रविंद्र शर्मा आदि शामिल रहे।










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