नई दिल्ली : तेजी से बदलते घटनाक्रम में सोनम गुप्ता पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप लगा है. इससे पहले मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति की बेरहमी से कत्ल कर ड्रम में सीमेंट से पैक कर दिया था. इससे कुछ महीने पहले प्रगति ने अपनी शादी के महज 14 दिनों के अंदर अपने पति की हत्या कर दी.ऐसी कई घटनाएं हैं जिनमें नई नवेली दुल्हन कातिल हसीना बन गईं हैं. पहले आप सिर्फ पुरुषों द्वारा अपनी पत्नी की हत्या के मामले ही ज्यादा सुनते होंगे लेकिन अब इस मामले में लड़कियां भी कम नहीं. इस बढ़ती हुई प्रवृति के पीछे आखिर क्या कारण है. क्या इसके लिए कोई मानसिक बीमारी है. इसके लिए हमने लेडी हार्डिंग अस्पताल की मनोविज्ञान डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रेरणा कुकरेती से विस्तार से जानने की कोशिश की.
डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने बताया कि पार्टनर के बीच इंटीमेट पार्टनर वायलेंट नई बात नहीं है. यह होता रहा है लेकिन इसमें अक्सर यह कार्रवाई पति द्वारा किया जाता है. महिलाएं ऐसी कार्रवाई से परहेज करती है. जब हम कहते हैं कि कोई मर्द पार्टनर का हिंसक तरीके से मर्डर करता है तो उसे अपराधी प्रवृति का माना जाता है.मर्दों में आमतौर पर इसके पीछे एंटी सोशल पर्सनैलिटी डिसॉर्डर होती है. इसमें उसे दूसरों को तकलीफ देने में बहुत अच्छा लगता है. उसे दूसरों की तड़प में मजा आता है. इस तरह की घटना में अपराधी की हिंसक प्रवृति पहले से निहित होती है लेकिन अगर कोई महिला ऐसा काम करती हैं तो जरूरी नहीं कि उसमें पहले से हिंसक प्रवृति वाला दोष हो या वह अपराधी हो. इसमें हिंसक प्रवृति के बजाय भावनात्मक आवेग ज्यादा काम करता है.
डॉ. कुकरेती ने कहा कि कोई नई नवेली दुल्हन अगर कातिल बन जाती है तो उस समय मन की स्थिति क्या थी. क्यों ऐसा करना पड़ा यह तो पूरी तरह से जांच-पड़ताल के बाद ही पता चलेगा. लेकिन आमतौर पर ऐसे मामलों में भावनात्मक कारण ज्यादा होता. क्योंकि महिलाएं जब अपने पार्टनर का खून करती हैं तो उसमें वह अकेली अपराधी नहीं होती बल्कि वह किसी न किसी का साथ जरूर लेती है. इस तरह के मामले में महिलाएं बहुत ज्यादा भावातिरेक में आ जाती है. इसका कारण यह होता है कि महिला जिस पुरुष के साथ पहले से भावनात्मक जुड़ाव में होती है वह बहुत ही ज्यादा अगाध होता है. इसमें किसी तीसरे शख्स का आना उसके मनोदशा को बर्दाश्त नहीं होती है. उसे लगता है कि जिस रिश्ते में वह फिलहाल है और उसमें जितना अचीव किया है, वह किसी दूसरे रिश्ते में नामुमकिन है. इसमें वह वास्तविकता से कट जाती है और किसी भी हद से आगे बढ़ने की सोच लेती हैं. यही कारण है वह पहले से ही वह हत्या की प्लानिंग अपने पार्टनर के साथ कर लेती हैं.
डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने कहा कि पुरुषों में अगर ऐसा हो तो इसे मानसिक बीमारी कह सकते हैं लेकिन किसी महिला में इस प्रवृति को मानसिक बीमारी नहीं कहा जा सकता है. यह भावनात्मक भावातिरेक है जिसमें महिला पहले के रिश्ते से किसी भी हद तक हटना और हटाने की साजिश को खुद के अस्तित्व पर संकट मान लेती है और इससे निपटने के लिए किसी भी हद से आगे बढ़ जाने की प्रवृति रखती है. महिलाएं इस स्थिति में दिग्भ्रमित हो जाती है और सही-गलत का फैसला नहीं कर पाती है. इसमें किसी महिला में यह प्रवृति पहले से नहीं होती, जिससे ऐसी महिला को बचपन से पहचाना जा सके. यह अचानक आती है, इसलिए कोई भांप नहीं पाता है. चूंकि उसमें यह प्रवृति बचपन से नहीं है, इसलिए वह अकेली इस अपराध में शामिल नहीं होती है.











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