मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना थाना इलाके के बदनाम हुसैनपुर कांड ने मुजफ्फरनगर पुलिस के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस की कथित प्रताड़ना और रिश्वतखोरी से परेशान होकर आत्महत्या की कोशिश करने वाले युवक अनस के आरोप सही पाए जाने के बाद SSP संजय वर्मा ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल को तुरंत सस्पेंड कर दिया।
यह घटना 19 नवंबर की है, जब बुढ़ाना थाना इलाके के हुसैनपुर कलां गांव के रहने वाले मुरसलीन के बेटे अनस ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। बुरी तरह झुलसे अनस का दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। वायरल वीडियो में आरोप: घटना के अगले दिन अनस का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने आरोप लगाया कि लोकल पुलिस उस पर पांच लाख रुपये देने का दबाव बना रही है।
रिश्वत और धमकी: अनस के अनुसार, पुलिस ने उसे छोड़ने के नाम पर ₹50,000 रुपये पहले ही ले लिए थे और शेष रकम न देने पर फर्जी कार्रवाई में फंसाने और पैर में गोली मारने की धमकी दे रही थी। इसी कथित उत्पीड़न से तंग आकर उसने आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाया।
वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी संजय वर्मा ने तत्काल मामले की जांच एसपी देहात आदित्य बंसल को सौंपी। एसपी देहात की प्रारंभिक रिपोर्ट में तीनों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई और आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी उपनिरीक्षक राम अवतार के साथ ही सिपाही भूपेंद्र सिंह और विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी देहात अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अनस गांव लुहसाना में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है। चोरी के एक मामले में पुलिस ने उसके परिचित एक युवक को पकड़ा था, जिसके चलते अनस को भी पूछताछ के लिए पुलिस चौकी ले जाया गया था।
उत्पीड़न के आरोप: अनस ने अपने वीडियो में आरोप लगाया था कि पुलिस कर्मियों ने चौकी में उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया और पिटाई भी की गई, जिससे वह आहत था। हालांकि, घटना के एक दिन बाद अनस के पिता मुरसलीन का भी एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने बेटे के आरोपों को खारिज करते हुए इसे मानसिक तनाव और बहकावे का परिणाम बताया था और पुलिस के दुर्व्यवहार से इनकार किया था।
पुलिस की गलती: पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो अनस के दावों की पुष्टि करते हैं कि कुछ पुलिस कर्मियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उस पर अनावश्यक दबाव बनाया था।
एसएसपी संजय वर्मा ने स्पष्ट किया है कि विभाग में किसी भी स्तर पर बदसलूकी, दबाव या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।











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