मुजफ्फरनगर। जमीन की पैमाइश के नाम पर किसान से 40 हजार रुपये रिश्वत लेने का मामला प्रकाश में आने के बाद जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के आदेश पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।
‘मुजफ्फरनगर में लेखपाल ने नहीं की जमीन की पैमाइश, किसान ने मांगी अपनी रिश्वत वापस, ऑडियो वायरल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी, जिसमें ग्रामीणों ने लेखपाल पर मोरना क्षेत्र में कृषि भूमि की पैमाइश के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। ग्रामीणों का आरोप था कि किसान से रिश्वत लेने के बावजूद लेखपाल महीनों से उसका काम नहीं कर रहा था, किसान ने लेखपाल से अपनी रिश्वत वापस मांगी थी, जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ था।
मामला थाना ककरौली क्षेत्र के गांव टंढेरा निवासी गुलशेर से जुड़ा है। गुलशेर का कृषि भूमि के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है, जिसकी जांच हल्का लेखपाल कर रहा है। गुलशेर का आरोप है कि लेखपाल ने दो महीने पहले जमीन की पैमाइश के लिए उससे ₹40000 की रिश्वत मांगी थी। लेखपाल ने एक व्यक्ति के माध्यम से रिश्वत की रकम ली थी लेकिन बार-बार मांगने के बावजूद लेखपाल जमीन की पैमाइश नहीं कर रहा था। पैमाइश न होने पर जब गुलशन ने लेखपाल से रिश्वत की रकम वापस मांगी तो लेखपाल ने रकम लौटाने में बहानेबाजी शुरू कर दी।
गुलशेर और लेखपाल के बीच हुई बातचीत का ऑडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो गया था, ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर प्रदर्शन भी किया था और लेखपाल के भ्रष्टाचार के खिलाफ जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की थी।
खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जानसठ एसडीएम जयेंद्र कुमार को तत्काल मामले की जांच करने के निर्देश दिए। जांच में एसडीएम ने पाया कि लेखपाल ने जमीन की पैमाइश के नाम पर किसान से रिश्वत ली है, जिसका ऑडियो वायरल हो गया है, जिसके बाद जिलाधिकारी के सख्त रुख को देखते हुए लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की सख्ती से तहसील में हड़कंप मच गया है।










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