सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आज सुबह भारतीय वायुसेना (IAF) का एक अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर (AH-64E) की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. यमुना नदी के किनारे चिलकाना थाना क्षेत्र के जोधेबांस गांव के पास एक खेत में यह लैंडिंग हुई. हेलीकॉप्टर सरसावा एयरफोर्स बेस से रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर उड़ा था, लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से पायलट को खेत में लैंडिंग करानी पड़ी. अच्छी बात ये रही कि दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं, और हेलीकॉप्टर को भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 8:45 बजे सरसावा एयरबेस से उड़ान भरने वाला ये अपाचे हेलीकॉप्टर रूटीन अभ्यास पर था. वायुसेना के मुताबिक, उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर के कंट्रोल पैनल में चेतावनी संकेत दिखा, जिसके बाद पायलटों ने तुरंत फैसला लिया और जोधेबांस गांव के एक खेत में सावधानीपूर्वक लैंडिंग की गई. वायुसेना ने इसे “प्रीकॉशनरी लैंडिंग” बताया है. कोई बड़ा हादसा होने से पहले पायलटों ने सतर्कता दिखाई. लैंडिंग के बाद हेलीकॉप्टर को सरसावा एयरबेस वापस ले जाया गया.
अपाचे AH-64E दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमला करने वाली मिसाइलों से लैस है. भारत ने 2015 में बोइंग के साथ 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए 13,951.57 करोड़ रुपये का सौदा किया था. इनमें से 17 हेलीकॉप्टर 2019 तक वायुसेना में शामिल हो चुके हैं और ये मुख्य रूप से पठानकोट और जोरहाट एयरबेस पर तैनात हैं. ये हेलीकॉप्टर पुराने रूसी Mi-35 हेलीकॉप्टरों की जगह ले रहे हैं.
जैसे ही हेलीकॉप्टर खेत में उतरा, आसपास के गांववाले जमा हो गए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग हेलीकॉप्टर के आसपास खड़े नजर आए. खबर मिलते ही चिलकाना थाना पुलिस और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके को सुरक्षित किया. वायुसेना की एक तकनीकी टीम भी मौके पर भेजी गई, जो हेलीकॉप्टर की खराबी की जांच कर रही है.
apache helicopter news
Advertisement
Pause
Skip backward 5 seconds
Skip forward 5 seconds
Mute
Remaining Time -9:00
Fullscreen
5 साल पहले भी हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग
ये कोई पहला मौका नहीं है जब अपाचे हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी हो. 2020 में पंजाब के होशियारपुर में एक अपाचे ने तकनीकी खराबी के चलते खेत में लैंडिंग की थी. 2023 में मध्य प्रदेश के भिंड जिले में भी ऐसा ही मामला सामने आया था. दोनों बार पायलट सुरक्षित रहे और हेलीकॉप्टर को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. हालांकि, 2024 में लद्दाख में एक अपाचे हेलीकॉप्टर ऊबड़-खाबड़ इलाके और ऊंचाई की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए थे.
सहारनपुर के स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर उत्सुकता और थोड़ा डर दोनों देखा गया. जोधेबांस के एक ग्रामीण, रामपाल, ने बताया, “हमने सुना कि कोई बड़ा हेलीकॉप्टर खेत में उतरा है. पहले तो डर लगा, लेकिन जब पता चला कि सब सुरक्षित हैं, तो राहत मिली.” सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे पायलटों की सूझबूझ की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ ने अपाचे जैसे उन्नत हेलीकॉप्टरों में बार-बार तकनीकी खराबी पर सवाल उठाए.











Discussion about this post