पटना : बिहार में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इसे लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है। क्या नीतीश कुमार ही चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनेंगे या कोई और इस पद पर बैठेगा। यह अभी साफ नहीं है। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि चुनाव तो नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इसका फैसला बीजेपी संसदीय बोर्ड और एनडीए के सहयोगी दल मिलकर करेंगे।
बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने का फैसला भगवान के हाथ में है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। इसलिए वह बार-बार इसी विषय पर चर्चा कर रहे हैं। जायसवाल ने दोहराया कि चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री पद का फैसला चुनाव के बाद होगा।
जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामैत ने इस मुद्दे पर कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी बौखलाहट में अनाप-शनाप बयान दे रही है, क्योंकि 2025 के चुनाव में राजद की हार तय है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के बयान से हुई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि एनडीए एक बार फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएगा और उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा।
निशांत कुमार अपनी मां मंजू सिन्हा की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां उन्होंने जेडीयू के अच्छे प्रदर्शन की संभावना जताई और बिहार सरकार के कामकाज की सराहना की। हालांकि जब उनसे राजनीति में एंट्री को लेकर सवाल पूछा गया। तो उन्होंने इसे टालते हुए कहा, “अरे छोड़िए”।
निशांत कुमार राजनीति में एंट्री के बेहद करीब माने जा रहे हैं। लेकिन अब तक उन्होंने इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि वह किसी भी वक्त राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन अभी वह अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वह कब और कैसे राजनीति में कदम रखते हैं।











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