मेरठ (नौचंदी)। जयदेवी नगर निवासी राधेश्याम सैनी और उनका परिवार इन दिनों मानसिक उत्पीड़न का सामना कर रहा है। लोन रिकवरी एजेंट उन्हें बार-बार फोन कर गाली-गलौज और धमकी दे रहा है। मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़ित नौचंदी थाने में शिकायत लेकर पहुंचा, लेकिन पुलिस ने न सिर्फ उसकी शिकायत को नजरअंदाज किया बल्कि कार्रवाई करने की बजाय शिकायती पत्र फाड़कर भगा दिया।
राधेश्याम सैनी ने बताया कि 16 जून से लगातार उनके और उनके परिवार के मोबाइल नंबरों पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आ रही हैं। कॉल करने वाला शख्स खुद को लोन रिकवरी एजेंट बता रहा है और उनके ऊपर बकाया रकम का भुगतान करने का दबाव बना रहा है। साथ ही वह गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दे रहा है।
जब पीड़ित ने कॉल करने वाले से जानकारी मांगी तो उसने बताया कि भारत कौशिक नामक किसी व्यक्ति के नाम पर लोन लिया गया है, और गारंटर के तौर पर राधेश्याम सैनी का मोबाइल नंबर दर्ज है। जबकि राधेश्याम ने साफ किया कि वह भारत कौशिक नाम के किसी भी व्यक्ति को नहीं जानते।
जब राधेश्याम सैनी यह शिकायत लेकर थाना नौचंदी पहुंचे, तो वहां उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप है कि थाना पुलिस ने उनका शिकायती पत्र फाड़ दिया और कोई सुनवाई नहीं की। अब परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने कहा कि यदि पीड़ित की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी और कॉल करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।











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