भिवानी। लोहारू में शिक्षिका मनीषा हत्याकांड ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भिवानी के पुलिस अधीक्षक मनबीर सिंह का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया। लोहारू थाने के प्रभारी अशोक को लाइन हाजिर किया गया, जबकि महिला एएसआई शकुंतला व ईआरवी टीम के ईएसआई अनूप, कांस्टेबल पवन और एसपीओ धर्मेंद्र को निलंबित कर दिया गया। परिजनों ने पुलिस की लापरवाही के चलते गंभीर आरोप लगाए हैं।
रोहतक पीजीआई में दोबारा कराए गए पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि मनीषा की हत्या तेजधार हथियार से गला रेतकर की गई थी। शव की आंखें और कई अंग गायब थे। हत्या से पहले दुष्कर्म की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इन्कार कर रखा है।
घटना के पांच दिन बाद भी आरोपियों का कोई सुराग न मिलने पर लोग भिवानी में दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे जाम कर बैठे। लोहारू, ढिगावा, बहल क्षेत्र और चरखीदादरी में दुकानदारों ने बाजार बंद रखे। कई गांवों में कैंडल मार्च निकाला गया। 21 सदस्यीय कमेटी ने आईजी रोहतक रेंज वाई पूर्ण कुमार से मुलाकात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
एसपी मनबीर सिंह की जगह 2024 बैच के आईपीएस अधिकारी सुमित कुमार को नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया। उन्होंने धरनास्थल पर पहुंचकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
परिजन और स्कूल संचालकों द्वारा CCTV फुटेज मांगी गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ईआरवी टीम को परिजनों ने 11 अगस्त की रात जानकारी दी, लेकिन उन्हें मदद के बजाय थाने जाने को कहा गया। 12 अगस्त को केवल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई, जबकि मनीषा का शव 13 अगस्त को नहर के पास मिला। शव पर तेजाब के निशान और फटे कपड़े मिले।
मनीषा के कपड़ों की स्थिति देखकर हत्या से पहले दुष्कर्म की आशंका जताई गई थी, लेकिन दो बार पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। चिकित्सकों ने कहा कि शव काफी सड़ा हुआ था, इसलिए जांच में कठिनाई आई।
कोताही बरतने पर ईआरवी के तीन कर्मचारियों व एएसआई शकुंतला को निलंबित कर दिया गया है। एसएचओ अशोक कुमार को लाइन हाजिर किया गया। आईजी रोहतक रेंज वाई पूर्ण कुमार ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस को जांच करने का समय दें।











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