मुज़फ्फरनगर। शहर के मुस्लिम बहुल इलाके मीनाक्षी चौक का नाम बदलकर ‘महर्षि वाल्मीकि चौक’ करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। हिंदू युवा वाहिनी की ओर से यह मांग उठाई गई, जिसे अब वाल्मीकि समुदाय का भी खुला समर्थन मिल गया है।
क्षेत्र संगठन मंत्री प्रह्लाद पाहुजा के नेतृत्व में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता जब गांधीनगर स्थित वाल्मीकि मंदिर पहुंचे, तो वहां सैकड़ों की संख्या में एकत्र वाल्मीकि समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। वरिष्ठ समाजसेवी गुरु गौहर वाल्मीकि के नेतृत्व में पाहुजा और उनके साथियों का फूल-मालाओं से सम्मान किया गया।
इस मौके पर समाज के लोगों ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल भारत की सनातन परंपरा के महान ऋषि थे, बल्कि उन्होंने रामायण जैसे महाग्रंथ की भी रचना की। ऐसे महापुरुष के नाम पर किसी सार्वजनिक स्थल का नामकरण होना गौरव की बात है।
वाल्मीकि समाज और हिंदू युवा वाहिनी दोनों ने इसे “सांस्कृतिक पुनर्स्थापना” का नाम देते हुए इसे किसी धर्म या जाति के विरुद्ध न मानने की अपील की। प्रह्लाद पाहुजा ने कहा कि “यह किसी के खिलाफ नहीं बल्कि हमारे महापुरुषों के सम्मान और संस्कृति की पहचान की बहाली का प्रतीक है।”
इस संयुक्त समर्थन के बाद, अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है। फिलहाल यह मुद्दा मुज़फ्फरनगर शहर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।










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