भारत में नदियों को पवित्र माना गया है. यहां पर उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक कई छोटी-बड़ी नदियां बहती हैं. इनमें से कई नदियां एक खास बिंदु पर आकर दूसरी नदी में मिल जाती हैं. ऐसे स्थानों को संगम कहा जाता है. प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती का मिलन होता है.

कहां है ये अनोखी जगह
भारत में 5 नदियों के संगम वाली यह अनोखी जगह कहीं और नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में ही स्थित है. यहां के इटावा और जालौन की सीमा के पास यह स्थित है. इस जगह को ‘पंचनद’ (Panchnad) के नाम से जाना जाता है.
5 नदियों का संगम
पंचनद को यह नाम 5 नदियों के संगम की वजह से मिला है. स्थानीय लोगों के मुताबिक दुनिया में यह इकलौती जगह है, जहां पर 5 नदियों का संगम देखने को मिलता है. इस जगह पर चंबल, कुंवारी, सिंध, यमुना और पहज नदियों का मिलन होता है. ‘पंचनद’ (Panchnad) को काफी लोग महातीर्थराज के नाम से पुकारते हैं.
कई कहानियां प्रचलित
इस स्थल के बारे में कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं. कहते हैं कि महाभारत काल में भ्रमण के दौरान पांडव ‘पंचनद’ (Panchnad) के पास रुके थे और वहीं पर भीम ने बकासुर का वध किया था.
ये भी कहानी जुड़ी
एक अन्य कहानी ये है कि तुलसीदास जी ने महर्षि मुचकुंद की परीक्षा लेने के लिए पंचनद की पदयात्रा शुरू की. वहां पहुंचकर तुलसीदास जी ने पानी पिलाने का आग्रह किया, जिस पर महर्षि मुचकुंद ने अपने कमंडल से जल छोड़ा. कहते हैं कि कमंडल से गिरा वह जल कभी खत्म नहीं हुआ.











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