मुजफ्फरनगर। जनपद के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में खाकी को सरेआम चुनौती देने वाले एक इमाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। महमूद नगर स्थित मदीना मस्जिद के इमाम इरफान ने एक दरोगा की गर्दन काटने की धमकी दी थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने यह सख्त कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत तीन दिन पहले हुई थी जब सिविल लाइन पुलिस ‘ध्वनि प्रदूषण’ के खिलाफ अभियान चला रही थी। सरवट क्षेत्र की मस्जिदों में अनुमति से अधिक लाउडस्पीकर लगे होने की सूचना पर पुलिस मदीना मस्जिद पहुँची थी। आरोप है कि इस दौरान कच्ची सड़क चौकी प्रभारी विनोद कुमार और इमाम इरफान के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इमाम ने दरोगा पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए थाने ले गई थी।
एसएसपी ने की थी कार्रवाई, फिर भी भड़का गुस्सा-
घटना के विरोध में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सदस्यों ने एसएसपी से मुलाकात कर चौकी प्रभारी की शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी का तबादला कर दिया था। लेकिन शिकायत के बाद इमाम इरफान ने रोते हुए एक भड़काऊ भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर दरोगा की गर्दन काटने की धमकी दी।
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लखनऊ से आए आदेश, पुलिस ने दबोचा-
इमाम का यह धमकी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। इसे मुख्यमंत्री कार्यालय और डायल 112 के पोर्टल पर भी अपलोड किया गया। वीडियो का संज्ञान लेते हुए लखनऊ से उच्च अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
विधिक कार्रवाई-
सिविल लाइन थाना पुलिस ने इमाम इरफान के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने और लोक सेवक को धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। शुक्रवार दोपहर पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया और शांति भंग की आशंका में चालान कर कोर्ट में पेश किया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने या वर्दीधारी को धमकी देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रही है।










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