देहरादून/मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक डॉक्टर के घर खड़ी कार से करोड़ों रुपये के कैश, सोने-चांदी और बेनामी संपत्ति के दस्तावेजों की चोरी ने हड़कंप मचा रखा है। इस हाईप्रोफाइल मामले में मुजफ्फरनगर की पूर्व ब्लॉक प्रमुख निशी त्यागी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस का दावा है कि इस ‘महाचोरी’ के तार सीधे निशी त्यागी से जुड़े हैं, जबकि उनके पति और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
जांच एजेंसियों के डर से डॉक्टर के घर छिपाया था ‘खजाना’-
मामले की जड़ें गाजियाबाद के एक बड़े ठेकेदार से जुड़ी हैं। सूत्रों के मुताबिक, सड़क निर्माण के टेंडर लेने वाले इस ठेकेदार को जांच एजेंसियों (IT/ED) की छापेमारी का डर था। इसी डर से उसने करोड़ों का कैश, जेवरात और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज एक लग्जरी कार में भरकर देहरादून स्थित अपने परिचित डॉक्टर प्रमोद त्यागी के घर सुरक्षित रखने के लिए भिजवा दिए थे।
पार्टी में हुई ‘मुखबिरी’ और अंजाम दी गई वारदात-
15 सितंबर 2025 को दर्ज FIR के अनुसार, डॉक्टर प्रमोद त्यागी के घर पर एक पार्टी हुई थी, जिसमें मुजफ्फरनगर का हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी भी शामिल हुआ था। आरोप है कि इसी पार्टी के दौरान विनय को कार में रखे करोड़ों के माल की भनक लग गई। उसने मौका पाकर कार का शीशा तोड़ा और सारा सामान पार कर दिया। ताज्जुब की बात यह है कि शुरुआत में दर्ज FIR में चोरी गई रकम का कोई खुलासा नहीं किया गया था।
VVIP रिसॉर्ट से गिरफ्तारी और निशी त्यागी का फरार होना-
देहरादून पुलिस ने 29 सितंबर 2025 को विनय त्यागी को गिरफ्तार करने का दावा किया। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि विनय को गाजियाबाद के एक नामचीन VVIP रिसॉर्ट से पकड़ा गया था, जहाँ वह अपनी पत्नी निशी त्यागी के साथ ठहरा हुआ था। पुलिस की दबिश के दौरान निशी त्यागी चकमा देकर फरार होने में कामयाब रही। पुलिस को संदेह है कि चोरी की गई रकम और संपत्तियों की कड़ियों को ठिकाने लगाने में निशी त्यागी की अहम भूमिका है।
अबतक की पुलिस कार्रवाई-
आरोधी पति जेल में: विनय त्यागी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।
बरामदगी: पुलिस ने अबतक सोने-चांदी के सिक्के और कुछ नकदी बरामद की है, लेकिन करोड़ों की बड़ी खेप का मिलना अभी बाकी है।
निशी त्यागी वांटेड: मुजफ्फरनगर की पूर्व ब्लॉक प्रमुख की गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
इस मामले ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि उन सफेदपोश चेहरों को भी बेनकाब कर दिया है जो काले धन को सुरक्षित रखने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाते हैं।










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