मेरठ। जनपद के जानी थाना क्षेत्र के सिवाल खास के जंगल में मिले अज्ञात महिला के शव के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शव मुज़फ़्फ़रनगर के चरथावल थाने से गायब हुई नईमा यासमीन सैकिया नाम की महिला का निकला। उसकी हत्या उसके पति इमाम शहज़ाद ने अपने साथी नदीम अंसारी के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल चाकू और रस्सी बरामद कर ली है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला राज, 17 अक्टूबर को जानी क्षेत्र के सिवाल खास जंगल में गंगनहर पटरी के पास एक काला बुरखा पहने महिला का चाकू से कटा हुआ शव मिला था। पुलिस ने शिनाख्त के लिए दो टीमें गठित की। छानबीन के दौरान पता चला कि 16 अक्टूबर 2025 से मुजफ्फरनगर के थाना चरथावल में नईमा यासमीन की गुमशुदगी दर्ज है। जांच में पुष्टि हुई कि शव मुजफ्फरनगर के सैद नगला निवासी शहजाद की पत्नी नईमा यासमीन का ही है।
हत्या के बाद ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर लगाया जाम, महिलाओं ने थाने में की तोड़फोड़, आरोपी पति शहजाद ने हत्या करने के बाद लोगों को भ्रमित करने के लिए स्वयं ही चरथावल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त शहजाद (जो सैद नगला मस्जिद में इमाम का कार्य करता है) ने कपड़ों का व्यापारी बताकर असम की रहने वाली शिक्षित महिला नईमा यासमीन से ऑनलाइन निकाह किया था।
शहजाद पहले से विवाहित था और उसके तीन बच्चे थे, यह सच्चाई उसने नईमा से छुपाई।
जब नईमा को पता चला कि उसका पति केवल इमाम है, जिसका कोई घर नहीं है और जिसका भरण-पोषण ग्रामीण करते हैं, तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
नईमा द्वारा धोखाधड़ी का आरोप लगाने और शहजाद को अपनी पहली पत्नी से मिलने से रोकने के कारण, शहजाद ने उसे रास्ते से हटाने का निर्णय लिया।
शहजाद ने अपने साथी नदीम अंसारी को 12 हजार रुपये देकर हत्या में सहयोग के लिए तैयार किया। योजना के तहत:
दोनों ने नईमा यासमीन को बाज़ार चलने के बहाने बुलाया।
उसके जूस में नींद की गोलियाँ मिलाकर पिला दीं।
अर्धबेहोशी की हालत में उसे गंगनहर पटरी, सिवाल खास के पास खेत में ले गए।
वहाँ नदीम ने रस्सी से गला कस दिया और शहजाद ने छूरी से उसका गला काटकर हत्या कर दी।
थाना जानी पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।











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