मेरठ। आपदा प्रबंधन के लिहाज से उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए राज्य के 44 जिलों की 118 तहसीलों में एक साथ राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास मेरठ जिले की मवाना तहसील के भीकुंड घाट पर भी आयोजित किया गया, जिसमें बाढ़ आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की व्यावहारिक समीक्षा की गई।
इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य प्रशासन की बाढ़ से पूर्व तैयारियों को मजबूत करना और आपात स्थिति में विभिन्न विभागों की समन्वित कार्रवाई की दक्षता का मूल्यांकन करना था। इस दौरान बाढ़ जैसी आपात स्थिति में नागरिकों के त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन, नाव पलटने की स्थिति में बचाव कार्य, और डूबते लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे परिदृश्यों का सजीव अभ्यास किया गया।
इस मॉक ड्रिल में राजस्व विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पुलिस विभाग, सेना की 24 राजपूत रेजिमेंट एवं 10 असम रेजिमेंट, पीएसी बाढ़ राहत टीम, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, सिविल डिफेंस, विद्युत, आपूर्ति, सिंचाई विभाग तथा स्थानीय नाविक और गोताखोरों ने हिस्सा लिया। सभी ने अपने-अपने विभागीय दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन किया।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना,पलटी हुई नाव से बचाव,पानी में डूबते व्यक्ति को गोताखोरों द्वारा तत्काल रेस्क्यू,प्राथमिक चिकित्सा और राहत शिविर की स्थापना की है।
मौके पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), एसपी देहात, लेफ्टिनेंट जनरल 24 राजपूत रेजिमेंट, मेजर 10 असम रेजिमेंट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिलाधिकारी मवाना, तहसीलदार मवाना, एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इस समन्वित प्रयास से यह संदेश गया कि प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयां पूरी तरह सतर्क हैं और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।











Discussion about this post