देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि तंत्र-मंत्र के चक्कर में अंधे एक पुलिसकर्मी और उसके परिवार के सदस्यों ने 9 साल के मासूम बच्चे की बलि चढ़ा दी। बता दें कि मृत बच्चा कोई और नहीं, बल्कि उसी परिवार का भतीजा था। पुलिस ने इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक आयुष (उम्र 9 वर्ष) देवरिया के भलुअनी थाना क्षेत्र के ग्राम पटखौली निवासी योगेश कुमार गौड़ का बेटा था। योगेश नाइजीरिया में नौकरी करते हैं और परिवार में पत्नी और बेटा ही घर पर रहते थे। 16 अप्रैल की शाम 6 बजे के करीब आयुष घर के बाहर खेलने निकला था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। इसके बाद परेशान परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली कि आयुष का अपहरण गोरखपुर के रहने वाले उसके मझले फूफा शंकर गौड़ ने किया था। ऐसा आरोप है कि शंकर ने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर रखा और फिर उसे आयुष के छोटे फूफा इंद्रजीत गौड़ को सौंप दिया। बता दें कि इंद्रजीत उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में गोंडा में तैनात है।
पुलिस के अनुसार, इंद्रजीत गौड़ की शादी दिसंबर 2024 में आयुष की बुआ से हुई थी। शादी के बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा और खुद को ‘देवी मां के प्रभाव’ में बताने लगा। इसी के बाद वह झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र की ओर झुक गया। इंद्रजीत को उसके मामा जय प्रकाश गौड़ ने कथित रूप से नरबलि देने की सलाह दी। इसके बाद इंद्रजीत ने इसके लिए अपने साढ़ू शंकर गौड़ को 50,000 रुपये देकर एक बच्चे का इंतजाम करने को कहा।
19 अप्रैल की रात थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पिपरा चन्द्रभान के एक बगीचे में इंद्रजीत, मामा जयप्रकाश और मौसी का बेटा भीम गौड़ ने तंत्र-मंत्र की पूजा की। इसी दौरान बच्चे के हाथ-पैर पकड़कर इंद्रजीत ने गला रेतकर उसकी हत्या कर दी और शव को वहीं दफन कर दिया। इसके बाद 20 अप्रैल को भीम नामक ड्राइवर ने शव को पॉलीबैग में भरकर मैजिक वाहन से बरहज नदी में फेंक दिया ताकि लाश कभी न मिले।
इस अपराध में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो सभी मृतक आयुष के करीबी रिश्तेदार हैं। मुख्य आरोपी इंद्रजीत गौड़, जो बच्चे का सगा फूफा है और देवरिया जिले के सुरौली थाना क्षेत्र के ग्राम पैकौली का निवासी है। उसके साथ इस साजिश में शामिल था शंकर गौड़ उर्फ रमाशंकर जो मझला फूफा है और गगहा, गोरखपुर का रहने वाला है। इसके अलावा इंद्रजीत का मामा जय प्रकाश गौड़, जो डुमरी मदनपुर, देवरिया से है और मौसी का बेटा भीम गौड़ जो परसिया मिसकारी का निवासी है, भी इस कांड में सक्रिय रूप से शामिल थे। इन सभी आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और पुलिस ने इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
भलुअनी पुलिस ने सीओ अंशुमन श्रीवास्तव के नेतृत्व में जांच को तेज किया और संदेह के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर चारों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बता दें कि पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू, फावड़ा, पॉलीबैग, मैजिक वाहन, और दो मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया है।
देवरिया के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि 17 अप्रैल को बच्चे की गुमशुदगी की सूचना मिली थी और इसके खुलासे के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराधियों को पकड़कर घटना का खुलासा कर दिया है। एसपी ने बताया कि चारों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए काम करने वाली पुलिस टीम को Rs.10,000 का नकद इनाम भी दिया गया है।











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