आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेखान में 17 मार्च को पुलिस की छापेमारी के दौरान मिले मांस के गोमांस होने की पुष्टि हो गई है। पुलिस अब मुकदमे में गोकशी की धारा बढ़ाएगी। इससे पहले आरोपियों को जमानत मिल गई थी। धारा बढ़ने पर उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है। इससे मोहल्ले में अवैध पशु कटान की भी पुष्टि हो गई है।
17 मार्च को मोहल्ला शेखान में बबलू व फरमान के घर छापा मारा गया था, जहां भारी मात्रा में मांस और चर्बी मिली थी। एसीपी पीयूष कांत राय ने बताया कि अवैध कटान में बरामद मांस और चर्बी के सैंपल को जांच के लिए भेजा था। मीट गोमांस होने की पुष्टि हुई है। पूर्व में लिखे मुकदमे में धारा बढ़ाई जाएगी। चर्बी के नकली घी बनाने में इस्तेमाल की भी चर्चा थी।
पुलिस ने उस्मान, वाहिद, विल्किस और समीर को गिरफ्तार किया था। मगर, केस में लगी धारा में सात साल से कम की सजा होने की वजह से जमानत मिल गई थी। वहीं मुकदमे में साजिद, फरमान, साजिया, टिल्लू उर्फ आरिफ, राशिद, उस्मान, अबरार, फरमान, नदीम, सलीम, गोविंदा, बबलू, कदीम, समीम को भी नामजद किया गया था। यह फरार हो गए थे। तीन घरों से 275 किलोग्राम मांस, 82 कनस्तर चर्बी से भरे, एक स्कूटी, 11 कट्टे मांस, चाकू, तराजू बांट व पशुओं की खाल बरामद हुई थी।
पुलिस के छापे में 275 किलो मांस और 82 टिन में 1230 किलो चर्बी बरामद हुई थी। हालांकि ने चर्बी का इस्तेमाल साबुन बनाने में उपयोग करने की बात कही है, लेकिन पुलिस और एफएसडीए के अधिकारियों को इससे नकली घी बनाने में भी उपयोग करने की आशंका व्यक्त की थी।











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