बागपत। बुधवार को विकास भवन, बागपत में आयोजित किसान दिवस का मंच उस वक्त संघर्ष का मैदान बन गया, जब दो किसान संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर तनातनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान भाकियू (अराजनीतिक) के जिलाध्यक्ष एवं रिटायर्ड दारोगा चौधरी नरेशपाल सिंह के साथ मारपीट की गई। घटना ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
घटना की सूचना के बाद भाकियू (अराजनीतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत के भांजे राजेंद्र चौधरी, प्रधान बिजेंद्र सिंह और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर राजेंद्र चौधरी ने अपनी सफाई देते हुए कहा, “मैं किसान दिवस के दौरान मुजफ्फरनगर में था। घटना के डेढ़-दो घंटे बाद मैं विकास भवन पहुंचा और दोनों पक्षों में सुलह कराने की कोशिश की। मुझे नहीं पता कि मुझे नामजद क्यों किया गया, पुलिस जांच में सब साफ हो जाएगा।”
इधर भाकियू (टिकैत) गुट के जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “किसान दिवस के दौरान दिव्यांग प्रधान बिजेंद्र सिंह के साथ हाथापाई हुई। लेकिन दबाव में पुलिस ने उसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एसडीएम और अन्य अधिकारी वहां मौजूद थे, बावजूद इसके निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई। अब हम थाने पर धरना देंगे।”
पुलिस के अनुसार, सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जाएगी। मौके पर मौजूद अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं और वीडियो फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है।
घटना के बाद जिले में किसान संगठनों के बीच तनाव का माहौल है। प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।











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