नोएडा। नोएडा के सेक्टर 90 से आरोपियों ने बड़ौत निवासी कंपनी मालिक नूरमोहम्मद और मैनेजर सावेज का अपहरण कर लिया। दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगने पर कंपनी मालिक के परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने सिपाही और कंपनी के तीन कर्मियों को गिरफ्तार कर कंपनी मालिक और मैनेजर को मुक्त कराया।
बड़ौत की छपरौली चुंगी पर रहने वाले नूर मोहम्मद की नोएडा के सेक्टर 90 में एमसीएस कंसलटेंसी कंपनी है। इनका रोजाना लाखों रुपये का लेनदेन होता है। बताया कि 28 फरवरी की शाम वह कंपनी के मैनेजर सावेज के साथ सेक्टर 143 स्थित फ्लैट के लिए निकले थे। थोड़ी दूर चलने के बाद एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो ने ओवरटेक करके उनकी कार को रोक लिया और दोनों का अपहरण कर लिया।
अपहरणकर्ताओं ने कंपनी मालिक के भाई बिलाल को फोन करके दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। बिलाल ने पुलिस को घटना के बारे में पूरी जानकारी दी। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि सूचना मिलने के बाद फिरौती मांगने वाले नंबर को ट्रेस किया गया। कंपनी में नौकरी करने वाले शिवम निवासी लिलोनखेड़ी, रजत निवासी गोगढ़ पिंडौरा जिला शामली, प्रद्युम निवासी बिटावदा और विजय निवासी बरवाला जिला मुजफ्फरनगर को बड़ौत से गिरफ्तार करके पूछताछ की गई।
उनकी निशानदेही पर बावली मार्ग पर कार में हाथ-पैर बांधकर रखे गए कंपनी मालिक नूर मोहम्मद और सावेज को मुक्त कराया। गिरफ्तार विजय यूपी पुलिस का सिपाही है, जो वर्तमान में रामपुर में तैनात है। घटना में शामिल बिजेंद्र मलिक निवासी गौर सिटी नोएडा, अमन निवासी मलकपुर, राहुल शर्मा निवासी एरटी जिला शामली, अजय, अनुज की तलाश में पुलिस लगी है।
फरार आरोपी राहुल शर्मा सिपाही है और कानपुर देहात में तैनात है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन तमंचे, कारतूस, रस्सी, अंगोछा, पांच फोन, एक गाड़ी समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने स्वाट और बड़ौत पुलिस को 25 हजार का इनाम भी दिया।
पुलिस ने बताया कि मूल रूप से बड़ौत के रहने वाले नूरमोहम्मद अपनी कंपनी में म्यूचुअल फंड, शेयर मार्केट में निवेश कराने के साथ जमीन की खरीद फरोख्त भी कराते हैं। इसके चलते रोजाना दस से पंद्रह लाख रुपये का लेनदेन होता है। उनकी कंपनी में काफी कर्मी काम करते हैं। अपहरणकर्ता शिवम और प्रद्युम उसकी कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि रजत ठेके पर बड़े काम लेता था।
नूरमोहम्मद के बैंक खाते से करोड़ों रुपये का लेनदेन देख रजत, शिवम और प्रद्युम के मन में लालच आ गया और बिजेंद्र मलिक के साथ मिलकर साजिश रचकर घटना को अंजाम दिया। यह भी बताया कि अगर फिरौती की रकम नहीं मिलती तो अपहरणकर्ता खुद को बचाने के लिए उनकी हत्या भी कर देते। अपहरण के वक्त तीनों कर्मी दूसरी गाड़ी में आसपास ही मौजूद थे। गिरफ्तार आरोपी रजत एमएससी, विजय और प्रद्युम बीए, शिवम 12वीं पास है।
कंपनी मालिक नूरमोहम्मद ने बताया कि शुक्रवार शाम अपहरणकर्ताओं ने उनकी गाड़ी रुकवा ली। उसे गन प्वाइंट पर लेकर खुद को एसटीएफ से बताया और पूछताछ करने की बात कही। दोनों को अपनी गाड़ी में बैठा लिया और आंखों पर काली पट्टी बांध दी। इसके बाद शिवम को फोन कराकर गाड़ी हटवाने के लिए भी कहा। अपहरण के बाद उन्हें किसी मकान में ले जाकर आरोपियों ने खुद को एसीपी बताकर धमकाते हुए पूछताछ भी की।











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