देवरिया। यूपी से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। बेटी ने प्रेमी संग मिलकर पिता को मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि प्रेम प्रसंग में पिता के बाधक बनने पर युवती ने प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
घटना देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के भरौली बाजार महुआबारी गांव की है। प्रेमी के साथ कई बार देख लेने के बाद उदयभान अपनी बेटी पर लगातार नजर रखे हुए थे। उन्होंने सख्त हिदायत भी दे रखी थी। इधर प्रेम प्रसंग में रोड़ा बन रहे पिता को रास्ते से हटाने की योजना दीपाली ने बना डाली। उसने अपने प्रेमी को घर में बुलाया।
इसके बाद अपने कमरे में मौजूद पिता के सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। पहला वार कुल्हाड़ी से उसके प्रेमी ने किया। जब उसके पिता लहूलुहान हालत में बिस्तर पर गिर गए तो दूसरा वार कुल्हाड़ी से दीपाली ने कर दिया। कुछ ही देर में उदयभान की मौत हो गई। इसके बाद प्रेमी को घर से भगा दिया। अपना खून से सना हुआ कपड़ा और कुल्हाड़ी छिपा दी। इसके बाद घटना को दूसरा रूप देने के लिए शोर मचाने लगी।
शोर सुन मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्य आ गए। दीपाली ने बताया चार लोग पिता को लहूलुहान हालत में लाकर कमरे में बिस्तर पर लेटाकर फरार हो गए। इसके बाद उसके चाचा ने पुलिस को तहरीर देते हुए चार को नामजद किया।
उदयभान के छोटे भाई धर्मेंद्र यादव ने तहरीर देकर शहर के अबुबकर नगर निवासी प्रदीप वर्मा पुत्र हीरालाल वर्मा, निहाल, बरियारपुर के बगहा मठिया निवासी मृत्युंजय सिंह व गांव निवासी तालिब पुत्र अली अहमद को नामजद अभियुक्त बनाया।
इसके बाद एसपी विक्रांत वीर ने घटना का जायजा लेने के बाद घटना के खुलासे और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन कर दिया। एसपी के निर्देश पर डॉग स्क्वायड, फॉरेंसिक टीम, एसओजी, सर्विलांस व कोतवाली पुलिस घटना के खुलासे में जुट गए।
जांच के दौरान परिजनों की हर हरकत पर पुलिस अपनी पैनी नजर जमाए हुए थी। पुलिस ने घटना के समय घर में मौजूद उसकी पुत्री दीपाली से पूछताछ की। पहले दीपाली ने पुलिस टीम को इधर-उधर घुमाया। इसके बाद सबूतों के आधार पर पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो वह टूट गई।
उसने पूरी घटनाक्रम पुलिस के सामने खोलकर रख दिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और दीपाली का खून से सना कपड़ा बरामद कर लिया। दोनों से पूछताछ करते हुए पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई है।
प्रेमी के साथ मिलकर पिता को मौत की नींद सुलाने वाली दीपाली के कहे अनुसार परिजन चल रहे थे। परिजनों को उसकी इस कारगुजारी के बारे में भनक तक नहीं लगी थी। वह बस उसकी सुन रहे थे। इधर दीपाली भी अपने चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं दिखी।











Discussion about this post