लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार में हुए चीनी मिल बिक्री घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल की तीन चीनी मिलों को बृहस्पतिवार को जब्त कर लिया। जब्त मिलों की कीमत करीब एक हजार करोड़ रुपये है।
ईडी के अनुसार देवरिया की बैतालपुर व भटनी और जौनपुर की शाहगंज चीनी मिल को इकबाल और उनके करीबियों ने मैलो इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, डायनेमिक शुगर्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स हनीवेल शुगर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक शेल कंपनी बनाकर औने-पौने दामों पर खरीदा था।
ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लांड्रिंग की जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि चीनी मिलों का बाजार मूल्य कई गुना अधिक था। इनको खरीदने के लिए वीके हेल्थ सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से असुरक्षित ऋण का लेन-देन दर्शाया गया था।
बता दें कि बसपा सरकार में 21 सरकारी चीनी मिलों को बेचा गया था। इसमें से सात तत्कालीन बसपा एमएलसी मोहम्मद इकबाल से जुड़ी कंपनियों ने खरीदी थीं। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य चीनी निगम लिमिटेड ने नवंबर, 2017 को इस प्रकरण की गोमती नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इसके छह माह बाद राज्य सरकार ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। मोहम्मद इकबाल सहारनपुर का खनन माफिया है और वर्तमान में दुबई में पनाह लिए है। ईडी सहारनपुर में इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी को भी जब्त कर चुकी है। इसकी कीमत चार हजार करोड़ रुपये से अधिक है।











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