संभल। डेढ़ करोड़ रुपये की खातिर दोस्त ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर हरियाणा के गांव भैसरू खुर्द निवासी अजय (27) की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को संभल के बनियाठेरा थाना अंतर्गत खेड़ा खास गांव के जंगल में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया।
हरियाणा के थाना सांपला की पुलिस ने बुधवार को मजिस्ट्रेट और तीन डॉक्टरों की टीम के साथ मौके पर पहुंची और अभियुक्तों की निशानदेही पर खोदाई कराकर शव निकाला। पुलिस ने खोपड़ी और कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
हरियाणा के थाना सांपला क्षेत्र के गांव भैसरु खुर्द निवासी अजय ने तीन अप्रैल को अपनी पैतृक जमीन डेढ़ करोड़ रुपये में बेची थी और रकम लेकर मुरादाबाद के थाना बिलारी के गांव पहाड़पुर निवासी अपने दोस्त सुमित के घर गया था।
इतने रुपये देखकर सुमित के मन में लालच आ गया और अपने पांच साथियों के साथ मिलकर अजय की गोली मारकर हत्या कर दी और शव खेड़ाखास के जंगल में दबा दिया था। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज बिलारी थाना क्षेत्र के गांव पहाड़पुर निवासी अजय के दोस्त सुमित चौधरी और भूपेूंद्र उर्फ बुद्धा को गिरफ्तार कर लिया है।
बुधवार की दोपहर थाना सांपला पुलिस दोनों हत्यारोपियों को लेकर थाना बनियाठेर पहुंची। यहां से मजिस्ट्रेट व तीन डॉक्टरों के पैनल की टीम के साथ चंदौसी-संभल मार्ग पर गांव खेड़ाखास पर पहुंची और हत्यारोपियों के बताई जगह की खोदाई कराकर अजय की खोपड़ी और कंकाल निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
डॉक्टरों की टीम में डॉ. विवेक हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज, डॉ. फैसल व सोमशेखर शर्मा गजरौला मेडिकल कॉलेज, सीएचसी चंदौसी सीएमएस डॉ. हरवेंद्र सिंह, डॉ. मनोज सिंह समेत नायब तहसीलदार सत्येंद्र तिसंह, थाना प्रभारी मेघपाल सिंह, थाना सांपला के सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार, एसआई महेंद्र सिंह आदि थे।
पुलिस ने बताया कि चार अप्रैल को सुमित अजय को अपने अन्य साथियों के साथ मुरादाबाद ले गया, जहां सभी एक होटल में रुके थे। मुरादाबाद से लौटते समय गाड़ी में ही अजय के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। उसी रात खेड़ाखास के जंगल में शव दबा दिया था।
हत्यारोपी सुमित चौधरी निवासी गांव पहाड़पुर थाना बिलारी जिला मुरादाबाद वर्ष 2015 में घर से नाराज होकर दिल्ली चला गया था। दिल्ली में उसकी अजय से मुलाकात हुई।
इसके बाद दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। सुमित 2017 तक अजय के घर पर ही रहा था। 2025 में होली के आसपास अजय अपने दोस्त सुमित चौधरी के पास गांव पहाड़पुर आया था और करीब सवा महीने रहा था, जिससे अजय की अन्य हत्यारोपियों से भी दोस्ती हो गई थी।
भैंसरू कलां के लापता अजय की उसी के दोस्त सुमित और भूपेंद्र ने मुरादाबाद में गंगा किनारे स्थित ब्रजघाट पर गोली मारकर हत्या की थी। बुधवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन का रिमांड लिया है। अजय के भाई योगेश ने 28 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को काबू कर लिया है और अदालत में पेश कर 5 दिन का रिमांड लिया है। अजय और योगेश के नाम उनके दादा ने एक-एक एकड़ जमीन नाम कर दी थी। अजय अविवाहित था और उसने अपनी जमीन बेच दी थी।
3 अप्रैल को उसे घर पर देखा गया था, लेकिन उसके बाद कोई जानकारी नहीं थी। कई दिन तक जब परिजन को वह दिखाई नहीं दिया तो उन्होंने तलाश की।
योगेश ने बताया कि गांव के लोगों ने सूचना दी कि अजय ने एक एकड़ जमीन 1.30 करोड़ रुपये में बेच दी थी और रुपये लेकर कहीं घूमने गया हैए लेकिन कई दिन तक सुराग नहीं लगा तो 28 अप्रैल को योगेश ने भाई अजय की गुमशुदगी सांपला थाने में दर्ज कराई थी।











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