मैनपुरी : मैनपुरी में कक्षा 11वीं की छात्रा का खून से सना शव पेड़ पर लटका मिला था। मामले में पुलिस के खुलासे ने झकझोर दिया है। घटना को अंजाम ममेरे भाई और जीजा ने दिया था। इसके बाद मामा ने अपने बच्चे को बचाने के लिए हद पार कर दी।
मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के कांसेपुर बंबा के पास बृहस्पतिवार दोपहर पेड़ पर दुपट्टे के फंदे से लटकी मिली किशोरी की दुष्कर्म के बाद हत्या का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। किशोरी के सगे ममेरे भाई को मुठभेड़ में और दो अन्य आरोपियों को इस जघन्य अपराध में जेल भेज दिया है। खुलासा किया है कि किशोरी से उसके ममेरे भाई ने अपने जीजा संग सामूहिक दुष्कर्म किया था। विरोध में हत्या की थी। इसके बाद पिता को बुलाया। उसने बेटे और दामाद को बचाने के लिए भांजी का शव पेड़ पर लटकाते हुए आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की।
एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बेवर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की 16 वर्षीय किशोरी 11वीं कक्षा की छात्रा बृहस्पतिवार सुबह सात बजे अपने घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकली थी। मगर, वह स्कूल नहीं पहुंची। इसके बाद दोपहर एक बजे के बाद तक घर भी नहीं लौटी। किशोरी कांसेपुर बंबा के पास पेड़ पर लटकी मिली थी। पुलिस ने उसी दिन शाम को शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार को डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसमें सनसनीखेज खुलासा हुआ कि किशोरी की रस्सी नुमा किसी वस्तु से गला घोंटकर हत्या की गई है। हत्या से पूर्व उसके साथ दुष्कर्म भी हुआ है।
जिले में हुई इस शर्मनाक वारदात का पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने एसपी सिटी आईपीएस अरुण कुमार सिंह को खुलासे व आरोपियों की गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा। एसपी सिटी ने सीओ भोगांव सत्यप्रकाश शर्मा और इंस्पेक्टर बेवर अनिल कुमार सिंह के साथ जांच की। मृतका के पिता से वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें नवाबगंज, फर्रुखाबाद निवासी साले जितेंद्र का बृहस्पतिवार दोपहर 1.36 बजे फोन आया था। बताया था कि बेटी कांसेपुर बंबा के पास है। वह मौके पर पहुंचे तो वहां जितेंद्र मिला, वह काफी देर इधर-उधर घुमाता और गुमराह करता रहा।
काफी देर के बाद जितेंद्र गूलर के पेड़ के पास ले गए, वहां बेटी पेड़ पर मृत लटकी मिली। पुलिस का माथा ठनका। वारदात की कड़ियों को जोड़ते हुए अन्य संबंधितों से पूछताछ की। फोन कॉल के रिकॉर्ड निकाले। इसमें पता लगा कि किशोरी से जितेंद्र के बेटे करन की निकटता थी। मंगलवार को दोनों में फोन पर बात भी होने के साक्ष्य मिलने से इसकी पुष्टि हुई। गहन जांच में सामने आया कि किशोरी को नवाबगंज, फर्रुखाबाद निवासी मामा जितेंद्र का बेटा करन और उसका जीजा मोंटी उर्फ राघवेंद्र निवासी प्रेमपुर, बेवर, मैनपुरी स्कूल के रास्ते से बहाने से बुलाकर ले गए थे। कांसेपुर बंबा के पास खेत में ले जाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद गला दबाकर मार दिया।
इंस्पेक्टर बेवर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जितेंद्र ने इस वारदात में अपने बेटे करन और दामाद मोंटी को बचाने की पूरी साजिश की। दरअसल, इन दोनों ने जब घिनौना काम करने के बाद किशोरी की हत्या कर दी थी तो करन ने अपने पिता को ही सबसे पहला फोन कर वारदात के बारे में बताया। जितेंद्र मौके पर आया और शव को पेड़ पर लटकाकर आत्महत्या दर्शाने की योजना बना दी। इसके तहत जितेंद्र खुद पेड़ पर चढ़ा। किशोरी के शव को उसके बेटे करन और दामाद ने गले में दुपट्टे का फंदा लगाकर ऊपर उठाया। दुपट्टे के एक सिरे को जितेंद्र ने पेड़ की टहानी से बांध दिया। इसके बाद जितेंद्र ने अपने बेटे करन व दामाद मोंटी उर्फ राघवेन्द्र को मौके से भगा दिया।
मुख्य आरोपी करन भागने की फिराक में था। पुलिस को शुक्रवार रात करीब 2.30 बजे उसके बारे में सूचना मिली की वह टोडपुर बंबा पटरी से होते हुए बाइक से कहीं जा रहा है। पुलिस ने बंबा पटरी पर ही उसका घेराव कर लिया। पुलिस की घेराबंदी को देख उसने फायरिंग कर दी। हड़बड़ाहट में वह बाइक से गिर गया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की तो उसके दाहिने पैर में गोली जा लगी। घायल हालत में उसे देर रात ही जिला अस्पताल भेजा गया। मौके से बाइक, तमंचा और कारतूस पुलिस ने बरामद किए। इसके बाद शनिवार सुबह पुलिस ने करन के पिता जितेंद्र और जीजा मोंटी उर्फ राघवेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उनकी रिमांड मंजूरी होने पर जेल भेज दिया गया।
किशोरी महज 16 साल की थी। उसकी नानी की दो साल पहले मौत हो गई थी। तभी किशोरी अपने मामा के घर पर गई थी। वहां उसकी मामा के बेटे करन के साथ निकटता हो गई। नादान उम्र में इस निकटता के मायने और करन की मंशा नहीं समझ सकी। करन की कुछ समय पहले शादी हो गई। इसके बाद भी वह किशोरी की नादानी का फायदा उठाता रहा। किशोरी उस पर भरोसा करती रही। बृहस्पतिवार सुबह भी किशोरी करन और उसके जीजा के साथ भरोसे के कारण ही गई थी। तीनों ने खेत में जाकर कोल्ड ड्रिंक, चाऊमीन की पार्टी भी की थी। इसके बाद करन और मोंटी की नीयत किशोरी पर खराब हो गई और इन्होंने किशोरी की इज्जत को बारी-बारी तार-तार करने के बाद उसकी जिंदगी का ही अंत कर दिया।
सीओ भोगांव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मोंटी और करन से पूछताछ की तो सामने आया कि इन दोनों ने जब किशोरी के साथ गलत काम कर दिया था तो किशोरी ने अपने परिजन से शिकायत करने की बात कही थी। शिकायत की बात से घबराकर इन्होंने उसकी हत्या कर दी।











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