मिर्जापुर। दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने के लिए 30 हजार रुपये घूस लेते हुए चील्ह थानाध्यक्ष शिवशंकर सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने विरोध किया तो धक्का देकर उसे गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम आरोपी को लेकर शहर कोतवाली पहुंची और मुकदमा दर्ज कराया।
चील्ह थाना क्षेत्र में युवती का एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा है। युवती का मामा 10 दिन पहले युवक पर भांजी का शारीरिक शोषण करने पर आरोप लगाते हुए दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचा था। आरोप है कि चील्ह थानाध्यक्ष शिवशंकर ने मुकदमा दर्ज करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। इस पर युवती के मामा ने 25 फरवरी को एंटी करप्शन थाने में शिकायत की। एंटी करप्शन की टीम ने मामले की जांच करने के बाद चील्ह थानाध्यक्ष को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई।
बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन की टीम ने युवती के मामा को नोट पर पाउडर लगाकर दिया और उसे थाने में भेजा। दोपहर बाद वह थानाध्यक्ष के कमरे में पहुंचा और 30 हजार रुपये देकर बाहर निकल आया। इसी बीच एंटी करप्शन टीम के सदस्य थानाध्यक्ष के कमरे में पहुंच गए और उसकी जेब से 30 हजार रुपये के केमिकल लगे नोट बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद टीम के सदस्य थानाध्यक्ष को कमरे से बाहर खींचकर गाड़ी में बैठाने लगे, जिसका उसने विरोध किया। इस पर टीम ने उसे धक्का लेकर गाड़ी में बैठाया और कोतवाली शहर लेकर पहुंची, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
एंटी करप्शन प्रभारी विनय सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के लिए थानाध्यक्ष चील्ह ने 50 हजार रुपये की घूस मांगी थी। थानाध्यक्ष की जेब से 30 हजार रुपये बरामद कर उसे गिरफ्तार किया गया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।











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